रासायनिक स्पंज की तरह करता है काम
शोध टीम ने लेयर्ड डबल हाईड्रॉक्साइड्स (एलडीएच) आधारित एक उन्नत शोषक पदार्थ विकसित किया है। ये रासायनिक स्पंज की तरह काम करता है। इनका कहना है कि वस्त्र उद्योग से हर साल अरबों लीटर ऐसा अपशिष्ट जल निकलता है, जिसमें खतरनाक एजो डाई पाई जाती है। ये रसायन न केवल हटाने में कठिन होते हैं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और जलीय जंतुओं के लिए भी गंभीर खतरा बनते हैं।
पहले की तकनीक हैं महंगी, ये वाली इको फ्रेंडली भी
प्रो. चंदन उपाध्याय ने बताया कि शोध टीम ने सस्ती और इको फ्रेंडली तकनीक तैयार की है। इस सामग्री के निर्माण के लिए एक सरल और व्यावहारिक विधि विकसित की है। जबकि पहले से प्रचलित तकनीक की तरह महंगे और विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। सामान्य धातु नाइट्रेट्स और नियंत्रित ताप प्रक्रिया के उपयोग से यह तकनीक आर्थिक रूप से किफायती और पर्यावरण के अनुकूल बनती है।
वस्त्र उद्योग से निकलने वाले रासायनिक रंगों की सफाई न केवल वैश्विक वस्त्र उद्योग की समस्या है, बल्कि वाराणसी क्षेत्र के स्थानीय कालीन उद्योग से भी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा हुआ है। यह नवाचार एक प्रभावी औद्योगिक समाधान के रूप में विकसित होने की प्रबल क्षमता रखता है। इसी उद्देश्य से इस तकनीक को आगे विकसित करने के लिए शोध टीम को ‘चैलेंज ग्रांट’ के अंतर्गत वित्तीय सहायता दी गई है। - प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी बीएचयू