छात्रों ने इसकी सूचना वार्डेन को दी। वार्डेंन की सूचना पर लंका थाने की बीएचयू चौकी की पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़ा तो पंखे की कुुंडी में रस्सी के सहारे भगवान लटका हुआ था। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने भी कमरे की छानबीन की। उसका मोबाइल और लैपटाप को फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया।
उधर, वार्डेन की सूचना पाकर हाथरस से परिजन भी पहुंच गए। लंका इंस्पेक्टर वेद प्रकाश राय ने बताया कि अब तक की तफ्तीश में सामने आया कि छात्र अवसाद में था और प्लेसमेंट को लेकर चिंतित रहता था। फोन और लैपटॉप को फोरेंसिक टीम ने जांच के बाबत अपने साथ ले गई है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
लंका पुलिस के अनुसार छात्र के पिता कृष्ण कुमार सिंह और बड़ा भाई सत्येंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। भगवान चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। सत्येंद्र सरकारी शिक्षक हैं और एक भाई तारकेश वैज्ञानिक है। जबकि छोटा भाई मानवेंद्र बीए कर रहा है। एक छोटी बहन है। पिता के अनुसार भगवान ग्रेटर नोएडा से बीटेक के बाद बीएचयू आया था। वहीं, घटना के बाद से ही छात्रावास में बाहरी छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। घटना को लेकर वार्डेंन और साथी छात्र एकदम शांत रहे।
जवान बेटे का शव देखते ही पिता कृष्ण कुमार और बड़ा भाई सत्येंद्र बेसुध हो गए। साथ आए परिजनों और छात्रों ने किसी तरह पिता व भाई को ढांढस बंधाया। पिता के अनुसार शुक्रवार को ही बेटे भगवान से बात हुई थी। शनिवार को फोन ही नहीं उठाया।