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Suicide: आईआईटी बीएचयू में एमटेक के छात्र ने लगाई फांसी, परिजन और दोस्त सदमे में

Sun, 26 Jun 2022 01:53 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

आईआईटी बीएचयू के विश्वश्वरैया हॉस्टल में एमटेक द्वितीय के एक छात्र ने सुसाइड कर लिया। छात्र हाथरस के छितौना गांव का रहने वाला था। पुलिस के मुताबिक, मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।
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आईआईटी बीएचयू का छात्र भगवान सिंह (26) - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बीएचयू आईआईटी के एमटेक छात्र भगवान सिंह (28) ने शनिवार की रात विश्वेश्वरैया हॉस्टल के कमरे में फंदे पर लटककर जान दे दी। लंका पुलिस और फोरेंसिक टीम ने छानबीन कर शव को कब्जे में लिया। छात्र के इस फैसले से परिजन और दोस्त सदमे में हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में सामने आया कि प्लेसमेंट नहीं होने से छात्र अवसाद में था। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। 

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हाथरस के हसायन थाना अंतर्गत पिछौती गांव निवासी भगवान सिंह बीएचयू आईआईटी से एमटेक (मैकेनिकल) द्वितीय वर्ष का छात्र था और विश्वेश्वरैया छात्रावास के कमरा संख्या 228 में रहता था। शनिवार की सुबह कुछ देर के लिए कमरे से निकला और फिर कमरे में लौट गया। इसके बाद वह कमरे से बाहर नहीं निकला।

कुछ दोस्तों ने उसके मोबाइल पर कॉल किया तो उठा नहीं। इसके बाद शाम में भी बगल के दोस्तों ने उसका दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिला। दोस्तों को लगा कि सो रहा होगा। रात में खाना खाने के लिए दोस्तों ने फिर दरवाजा खटखटाया तो कोई जवाब नहीं मिलने पर दोस्त सशंकित हो गए।

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छात्रों ने इसकी सूचना वार्डेन को दी। वार्डेंन की सूचना पर लंका थाने की बीएचयू चौकी की पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़ा तो पंखे की कुुंडी में रस्सी के सहारे भगवान लटका हुआ था। इसके बाद फोरेंसिक टीम ने भी कमरे की छानबीन की। उसका मोबाइल और लैपटाप को फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य के तौर पर कब्जे में लिया।

उधर, वार्डेन की सूचना पाकर हाथरस से परिजन भी पहुंच गए। लंका इंस्पेक्टर वेद प्रकाश राय ने बताया कि अब तक की तफ्तीश में सामने आया कि छात्र अवसाद में था और प्लेसमेंट को लेकर चिंतित रहता था। फोन और लैपटॉप को फोरेंसिक टीम ने जांच के बाबत अपने साथ ले गई है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।

ग्रेटर नोएडा से बीटेक के बाद आया था बीएचयू

लंका पुलिस के अनुसार छात्र के पिता कृष्ण कुमार सिंह और बड़ा भाई सत्येंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। भगवान चार भाइयों में दूसरे नंबर पर था। सत्येंद्र सरकारी शिक्षक हैं और एक भाई तारकेश वैज्ञानिक है। जबकि छोटा भाई मानवेंद्र बीए कर रहा है। एक छोटी बहन है। पिता के अनुसार भगवान ग्रेटर नोएडा से बीटेक के बाद बीएचयू आया था। वहीं, घटना के बाद से ही छात्रावास में बाहरी छात्रों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। घटना को लेकर वार्डेंन और साथी छात्र एकदम शांत रहे। 
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बड़ा भाई और पिता गश खाकर गिरे

जवान बेटे का शव देखते ही पिता कृष्ण कुमार और बड़ा भाई सत्येंद्र बेसुध हो गए। साथ आए परिजनों और छात्रों ने किसी तरह पिता व भाई को ढांढस बंधाया। पिता के अनुसार शुक्रवार को ही बेटे भगवान से बात हुई थी। शनिवार को फोन ही नहीं उठाया। 
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