आईआईटी बीएचयू ने क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग (डब्ल्यूयूआर)-2025 में 531वां स्थान प्राप्त किया है। इस रैंकिंग में 46 भारतीय संस्थानों को रैंक मिली है और इसमें आईआईटी बीएचयू 12वें स्थान पर है। इसके साथ ही देश के प्रौद्योगिकी संस्थान स्तर पर आईआईटी को आठवीं रैंक मिली है। संस्थानों का क्यूएस मूल्यांकन नौ प्रमुख मानकों के आधार पर होता है। इसमें शैक्षणिक और नियोक्ता प्रतिष्ठा, संकायवार साइटेशन, विद्यार्थी अनुपात, अंतरराष्ट्रीय संकाय आदि शामिल हैं।
इससे पहले 2023 में जारी क्यूएस रैंकिंग-2024 में आईआईटी बीएचयू 571वें स्थान पर था। वहीं, 2022 में संस्थान ने 651-700 के बैंड में प्रारंभिक उपस्थिति दर्ज कराई थी। इस वर्ष अनुसंधान और शोध पर ज्यादा ध्यान देने के कारण रैंकिंग में सुधार हुआ है। संस्थान ने प्रति संकाय साइटेशन (सीपीएफ) में प्रदर्शन के आधार पर वैश्विक स्तर पर 48वां स्थान प्राप्त किया है, जो पिछले वर्ष 78वां था। भारत में आईआईटी बीएचयू सीपीएफ पर पांचवें स्थान पर है।
2018 और 2022 के बीच संस्थान ने इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी, प्राकृतिक विज्ञान, जीवन विज्ञान और स्वास्थ्य, कला, मानविकी में 6851 शोध पत्र प्रकाशित किए। वर्ष 2023 तक 87,422 साइटेशन एकत्र किए गए। आईआईटी के निदेशक प्रो. अमित पात्रा का कहना है कि उद्योग और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों एवं संगठनों के साथ अकादमिक और अनुसंधान सहयोग शुरू करके संस्थान वैश्विक पहचान बना रहा है। अधिष्ठाता (अनुसंधान और विकास) प्रो. विकास कुमार दुबे ने रैंकिंग में हुए सुधार के लिए स्टेकहोल्डर्स को बधाई दी।