बीएचयू और आसपास इलाकों में छेड़छाड़ की घटनाओं पर रोक नहीं लग पा रही है। घटनाओं के बाद पुलिस हाथ पैर मार रही है लेकिन आरोपी गिरफ्तार नहीं हो पा रहे हैं। बीएचयू में तो अराजकता और बढ़ गई है। कुछ छात्राओं के अनुसार कई घटनाएं इस तरह की होती है लेकिन लोक लाज और पुलिस के पचड़े में नहीं पड़ने के चक्कर में कोई आवाज नहीं उठाता है।
पिछले हफ्ते वाराणसी दौरे पर आए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक में कमिश्नरेट पुलिस पर नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने सख्त हिदायत दी कि महिला अपराध मामलों में आरोपी गिरफ्तार होने चाहिए। एक महिला के मामले को लेकर पुलिस आयुक्त से मुख्यमंत्री ने बातचीत की थी।
बीते चार जनवरी को बीएचयू में एमएससी छात्रा से कुलपति आवास के पास हुई छेड़खानी मामले में दो आरोपी अब भी फरार है। आरोपियों को पुलिस ने चिन्हित भी कर लिया है। मगर, गिरफ्तार नहीं हो पा रही है। घटना में बीएचयू के दो छात्रों आदित्य ओझा और ऋतिक कुमार मिश्रा को लंका पुलिस ने गिरफ्तार किया था। दोनों आरोपियों को जेल भी भेजा गया।