गुजरात के राजकोट से आए जिल्का किशन कमलेशभाई ने बायोकेमिकल इंजीनियरिंग से एमटेक पूरा किया, लेकिन नौकरी नहीं ज्वाइन की। अब एसएससी की तैयारी में जुट गए हैं। कहा, एसएससी से सेलेक्शन के बाद ही आगे किसी दूसरी परीक्षा के लिए आवेदन करूंगा। इसके बाद यूपीएससी की ओर रुख होगा। इंजीनियरिंग में भी स्कोप बहुत ज्यादा है लेकिन सिविल सेवा में हर जगह एक्सप्लोर करने का मौका मिलेगा। राजकोट घर पर ही रहकर तैयारी चल रही है।
पढ़ाई के दौरान कभी कुछ अतिरिक्त नहीं पढ़ा : हरजस कौर
हरजस कौर ने कहा कि पिता की दवा की दुकान है। मां घरों में ट्यूशन पढ़ाती हैं। भाई पढ़ाई करते हुए मेरी बहुत मदद किया। मेरी तैयारी का आधार मेरे माता-पिता ने ही बनाया था। उसके बाद शिक्षकों और दोस्तों ने मदद की। वर्तमान में नौकरी कर रही हूं। पढ़ाई के दौरान कभी कुछ अतिरिक्त नहीं पढ़ा। इस चक्कर में पड़ी ही नहीं कि इतना पढ़ना है क्योंकि उससे आप पढ़ाई के काफी अंदर चले जाओगे जहां से निकलना संभव नहीं।
आईआईटी बीएचयू के दीक्षांत समारोह
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तमिलनाडु में डेटा साइंटिस्ट
फार्मास्यूटिकल इंजीनियरिंग विभाग से आईडीडी की उपाधि लेने तमिलनाडु से आई। पद्मनाभपुर में डेटा साइंटिस्ट के तौर पर सेवाएं दे रहीं हूं। पिता की प्राइवेट नौकरी है और मां गृहिणी हैं। -रत्ना के आईडीडी
पश्चिम बंगाल के मालदा में घर है। सिरेमिक इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर काशी में गोल्ड मेडल किसी सपने के पूरा होने से कम नहीं है। अब बंगलूरू में ब्लैकफॉर्म कंपनी में काम रहा हूं। जॉब पर फोकस्ड हूं। पिता एनटीपीसी में सिविल कॉन्ट्रैक्टर हैं। -स्पंदन धर, एमटेक
मटेरियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी में कोर्स पूरा करने के बाद रिसर्च असिस्टेंट बन गया हूं और सेमी कंडक्टर डिवाइस पर काम शुरू कर दिया है। हमारे भारत इस क्षेत्र में तेजी से आगे जा रहा है जिसमें मैं भी अपना योगदान देना चाहता हूं। घर मुंबई में है और पिता टाटा पॉवर में कार्यरत हैं। -धनंजय जे नायर, आईडीडी
सौर ऊर्जा से बनी बिजली कम नुकसान के साथ होगी इस्तेमाल
सौर ऊर्जा से बनी बिजली को कम से कम ऊर्जा नुकसान के साथ इस्तेमाल योग्य बनाया हूं। इसलिए पहली बार सोलर एनर्जी के लिए ग्रीन एनर्जी मेडल, कैश प्राइज और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। मध्य प्रदेश का रहने वाला हूं। पावर इलेक्ट्रॉनिक्स के क्षेत्र में रिसर्च किया है। सौर ऊर्जा और नवीकरणीय ऊर्जा के लिए ज्यादा दक्ष और सुरक्षित बिजली बनाने का सिस्टम विकसित कर चुका हूं। हाई-गेन डीसी-डीसी पावर कन्वर्टर और मल्टी-आउटपुट हाइब्रिड कन्वर्टर तैयार किया है। इसमें सौर ऊर्जा से बनी बिजली को कम से कम ऊर्जा नुकसान के साथ इस्तेमाल योग्य बनाना है। -प्रखर नेमा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग