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IIT BHU: नौसेना के साथ रिसर्च करेगा आईआईटी, हथियार, सेंसर बनाने व पानी के अंदर वस्तुओं को पहचानेंगे; जानें खास

Sat, 01 Aug 2026 05:24 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आईआईटी बीएचयू भारतीय नौसेना के साथ हथियार, सेंसर और पानी के अंदर वस्तुओं की पहचान से जुड़ी तकनीकों पर संयुक्त शोध करेगा। संस्थान में एआई, रोबोटिक्स, साइबर सिक्योरिटी और समुद्री इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इस सहयोग से रक्षा क्षेत्र के लिए स्वदेशी तकनीक विकसित करने में मदद मिलेगी।
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एमओयू के दाैरान गणमान्य लोग। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भविष्य की समुद्री और रक्षा चुनौतियों से निपटने में नवाचार आधारित समाधान विकसित करने के लिए आईआईटी बीएचयू और नौसेना के बीच समझौता किया गया है। उन्नत हथियार और सेंसर टेक्नोलॉजी के साथ ही पानी के भीतर वस्तुओं की पहचान की जाएगी। 

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इसमें एआई, रोबोटिक्स, रडार, क्वांटम फिजिक्स, साइबर सिक्योरिटी, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स, मशीन लर्निंग, एडवांस्ड मैटेरियल्स, समुद्री इंजीनियरिंग, नौसैनिक इंफ्रा आदि पर मिलजुलकर रिसर्च और नवाचार किया जाएगा। यह एमओयू तीन साल तक प्रभावी रहेगा। एमओयू पर हस्ताक्षर वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार, और डीन प्रो. राजेश कुमार ने किये। प्रो. सुशांत कुमार श्रीवास्तव, और डॉ. अजीत कुमार श्रीवास्तव मौजूद रहे।

वाइस एडमिरल बी. शिवकुमार ने कहा कि यह एमओयू भारतीय नौसेना और देश के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को नई मजबूती देगा। आईआईटी बीएचयू के साथ संयुक्त अनुसंधान से समुद्री सुरक्षा से जुड़े कई काम होंगे। रक्षा क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को नई गति मिलेगी।

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नौसेना के लिए विकसित होंगे नए तकनीकी समाधान
प्रो. राजेश कुमार ने कहा कि संस्थान की कई विषयों में अनुसंधान करने की क्षमता भारतीय नौसेना के लिए नई तकनीकी समाधान विकसित करने में बड़ी भूमिका निभाएगी। यह साझेदारी अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ-साथ देश के स्वदेशी रक्षा पारिस्थितिकी तंत्र को और ज्यादा मजबूत बनाएगी। समझौते के तहत संयुक्त कार्यशालाएं और सेमिनार होंगे। आईआईटी के इनक्यूबेटेड स्टार्टअप्स के साथ सहभागिता और भारतीय नौसेना के अनुसंधान प्रतिष्ठानों के साथ अनुसंधान सहयोग को भी बढ़ावा दिया जाएगा।

भारतीय नौसेना के साथ यह सहयोग नवाचार को नई गति देगा। स्वदेशी रक्षा तकनीक के विकास को बेहतर बनाएगा और राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक मजबूत करने में योगदान देगा। - प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, आईआईटी बीएचयू।
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