ई-जर्नल पर 45 करोड़
संस्थान में खर्च 3.72 अरब रुपये है। इसमें सबसे ज्यादा 2.11 अरब रुपये स्टाफ को दिए गए हैं। मेंटेनेंस खर्च 65.67 करोड़ और शैक्षणिक खर्च 38 करोड़ किए गए। लाइब्रेरी और विज्ञान पत्रिकाओं पर 11 करोड़, कंप्यूटर सॉफ्टवेयर पर 12 करोड़, ई-जर्नल पर 45 करोड़, पेटेंट पर 32 लाख रुपये खर्च किए गए। इसमें 2.38 अरब का भवन भी है।
93 प्रोजेक्ट से मिले 66.20 करोड़ रुपये
2023 के आंकड़ों के अनुसार, शैक्षणिक प्राप्तियां 64 करोड़ की है। 66 लोगों ने दान में 36 करोड़ रुपये दिए गए। इसका ब्याज 4 करोड़ मिला। वहीं 93 प्रोजेक्ट से 66.20 करोड़ रुपये मिले। 2023 में 60.69 करोड़ रुपये ही मिले थे।
छात्रों ने 10.49 करोड़ की फीस जमा की। इसमें 2023 के मुकाबले एक करोड़ की बढ़ोतरी हुई है। 2023 में ये आकड़ा 9.68 करोड़ रुपये था। लैब पर फर्नीचर और सज्जा के लिए 20 करोड़ रुपये और 93 प्रोजेक्ट से 66.20 करोड़ रुपये मिले।