अस्पतालों और मेड-टेक उद्योगों के लिए तैयार होंगे छात्र
इंजीनियरिंग और मेडिकल साइंस के बीच की खाई को पाटने के लिए एक नया एमटेक कोर्स छात्रों को अस्पतालों और मेड-टेक उद्योगों के लिए तैयार करेगा। इसी के साथ ही संस्थान ने एक पार्ट टाइम एक्जीक्यूटिव पीएचडी प्रोग्राम भी शुरू किया है। चौथे सेमेस्टर के बाद छात्र चार विशिष्ट शैक्षणिक ट्रैकों में से चयन कर सकेंगे।
ये योग्यता और पसंद पर आधारित होंगे। छठा सेमेस्टर सभी स्ट्रीम के लिए औद्योगिक या अनुसंधान इंटर्नशिप के लिए रिजर्व रहेगा। नया कोर्स नई बात करता है। बीटेक में एक साल पूरा करने पर इंटरिम लीविंग सर्टिफिकेट मिलेगा। दो वर्ष बाद डिप्लोमा और तीन वर्ष में बीएससी इन इंजीनियरिंग की डिग्री दी जाएगी।