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कौमी एकता की नजीर बनी इफ्तार पार्टी

Sat, 11 Jul 2015 02:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूराो
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वाराणसी। गंगा जमुनी तहजीब की नजीर काशी में शुक्रवार को एक बार फिर नजर आई। गंगा किनारे मुस्लिम और हिंदू भाइयों को एक साथ रोजा खोलते देख सुखद अनुभव हुआ। खास ये रहा कि एक ओर जहां सिर पर टोपी लगाए मुस्लिम एक सफ में बैठे थे, वहीं उनके साथ केसरिया रंग में कर्मकांडी ब्राह्मणों की शिरकत इफ्तार के मंजर को और पुरकशिश बना दिया। मौका था शाही आलमगीर मस्जिद धरहरा में सामूहिक रोजा इफ्तार का, जहां हर मजहब के सैकड़ों लोगों ने अकीदत के साथ शिरकत की।  
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राजमंदिर वार्ड के पार्षद अजीत सिंह की ओर से आयोजित रोजा इफ्तार में लोगों ने मगरिब की अजान सुन खजूर और शरबत से रोजा खोला। दस्तरखान पर सजे लजीज व्यंजनों से लोगों ने मिल बांटकर इफ्तार किया। इसे मौलाना मोहम्मद अहमद ने नमाज अदा कराई। इस मौके पर अजीत सिंह ने कहा कि काशी के मंदिरों के घंटा घड़ियाल की धुन और मस्जिदों की अजान की सदाओं का अनोखा संगम हिंदू मुस्लिम एकता

की बेमिसाल नजीर है। इसी घाट पर एक ओर से जहां बिंदू माधव का प्रसिद्ध मंदिर है वहीं दूसरी ओर धरहरा मस्जिद। रोजा इफ्तार में मुतवल्ली सादिक अली, संदीप सिंह, सुशील सिंह, राशिद अली, मोहम्मद साजिद, दिनेश, महमूद खान, लखन शर्मा, बृजकिशोर यादव, मोहम्मद शामिद आदि मौजूद रहे। उधर ककरमत्ता दक्षिणी स्थित अशफाक अहमद के आवास इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। यहां मौलाना शकील अहमद ने नमाज अदा कराई।
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