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बसपा सत्ता में लौटी तो किसानों और नौजवानों पर दर्ज केस होंगे वापस : मायावती

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बसपा सुप्रीमो मायावती ने विधानसभा चुनाव की सियासी तपिश के बीच बृहस्पतिवार को कांग्रेस, सपा और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। चिरईगांव के संदहा में चुनावी जनसभा के दौरान उन्होंने कहा कि बसपा सत्ता में लौटी तो अपने हक और अधिकार के लिए आंदोलन करने वाले किसानों और नौजवानों पर दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएंगे। किसानों की समस्याओं का निदान होगा। नौजवानों को रोजगार दिया जाएगा। बसपा चुनावी घोषणा पत्र नहीं जारी करती बल्कि जो कहती है वो करके दिखाती है। सूबे में कानून का राज होगा और योगी सरकार में जो गुंडे, माफिया और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं, उन्हें जेल में ठूंसा जाएगा। योगी आदित्यनाथ पर हमलावर हुई पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि इस सरकार में सिर्फ मुस्लिम, पिछड़ों, दलितों और ब्राह्मणों पर अत्याचार हुए हैं।
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रिंग रोड चौराहे के पास संदहा में दोपहर दो बजे पहुंची बसपा सुप्रीमो ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सरकार ने पिछड़ों और दलितों की अनदेखी की। इसी का नतीजा है कि वह केंद्र व राज्य से बाहर है। दलितों, पिछड़ों की विरोधी रही कांग्रेस वोटों की खातिर नाटकबाजी करती है। सपा, भाजपा की सरकार में जनता दुखी और परेशान रही है। सपा सरकार तो गुंडों, माफियाओं और दंगा-फसाद कराने वालों की तरफ रही है। सैफई का बगैर नाम लिए मायावती ने कहा कि सपा सरकार में विकास कार्य भी विशेष क्षेत्र व समुदाय के लोगों के बीच रहे।
फिर से संत रविदास नगर होगा भदोही का नाम
अति पिछड़े वर्ग के लोगों को जो सुविधाएं बसपा सरकार में दी गई, उन्हें भी खत्म कर दिया। महापुरुषों, संतों के नाम पर विश्वविद्यालय, पार्क के नाम को सपा सरकार ने बदल दिया। मायावती ने कहा कि सपा के साथ ही भाजपा को रोकना है, यह सरकार धर्म के नाम पर तनाव व नफरत फैलाती है। दलित, महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। सत्ता में लौटे तो भदोही जिले का नाम संत रविदास नगर फिर से किया जाएगा।
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मुस्लिमों के अलावा भी बड़े-बड़े माफिया, उन पर क्यों नहीं चला बुलडोजर
चुनावी जनसभा में मायावती ने कहा कि प्रदेश में गरीबों, मजदूरों, बेरोजगारों और अन्य मेहनतकश लोगों के साथ ही पिछड़ों, मुस्लिमों के हित में वर्षों से सरकारी योजनाएं चल रही थीं, वर्तमान सरकार में उन्हें उसका लाभ नहीं मिल पाया। ज्यादातर सरकारी कार्य प्राइवेट सेक्टर के जरिए हो रहे हैं। पूंजीपतियों को बढ़ावा दिया गया। सरकारी नौकरी में आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया गया। धार्मिक अल्पसंख्यक लोगों के साथ सौतेला व्यवहार किया गया। विशेषकर मुस्लिम समाज दुखी व परेशान है। जनता से पूछा कि प्रदेश में मुस्लिम के अलावा भी बड़े-बड़े माफिया है, क्यों नहीं भाजपा सरकार का बुलडोजर व हथौड़ा उन पर चला, यह भाजपा की संकीर्ण मानसिकता नहीं है तो और क्या है, जनता से आह्वान किया कि योगी सरकार को फिर से मठ में भेजने की तैयारी करें।
रोजी-रोटी के साधन कराए जाएंगे उपलब्ध
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने कहा कि भाजपा सरकार में गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी बढ़ी है, उनकी गलत नीतियों के कारण जनता परेशान है। प्रदेश से लोगों को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ा है। कहा कि बसपा में कभी नहीं पलायन हुआ। यूपी में चार बार बसपा की सरकार रही, कोई भी रोजी-रोटी के लिए बाहर नहीं गया। इतना ही नहीं, जो बाहर गए उन्हें वापस बुलाया गया। मायावती ने जनता से कहा कि यह विश्वास दिलाती हूं कि इस बार सत्ता में लौटी तो बेरोजगारों को रोजी-रोटी के साधन उपलब्ध कराएं जाएंगे। जनसभा में राज्यसभा सांसद और बसपा के महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा भी मौजूद रहे। इसके पूर्व मायावती ने सात मार्च को पोलिंग बूथ पर वोट करने की अपील की।
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