वाराणसी। कोरोना काल में शादी विवाह की संख्या बहुत कम हो गई है। हालांकि, जहां मांगलिक कार्यक्रम हो रहे हैं वहां विशेष एहतियात बरती जा रही है। शादी-विवाह में खानपान का मेन्यू तक बदल गया है। गर्मी की शादियों में अतिथियों का स्वागत कोल्डड्रिंक और शर्बत से किया जाता था, जिसकी जगह अब काढ़े और कॉफी ने ले ली है। कैटरिंग संचालकों से मेनू में ठंडे पेय पदार्थों को नहीं रखने पर जोर दिया जा रहा है।
कोरोना काल में लोग ठंडी चीजों से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में आयोजन कर्ता भी काढ़ा और चाय-कॉफी ही बरातियों के स्वागत में परोसने पर जोर दे रहे हैं। वहीं, खाने के स्टॉल और फलों की मात्रा बढ़ा दी गई है। फ्रूट चाट में संतरा, अंगूर, किवी, सेव, अनार व केला दिया जा रहा है। भोजन से अधिक मेहमानों को फ्रूट चाट भा रहा है। शहर के अधिकतर मैरेज लॉन, होटलों में दिन में ही शादियां कराई जा रही हैं। रात्रि कर्फ्यू की वजह से बहुत से लोगों ने शादियां कुछ महीने आगे बढ़ा दी हैं तो कुछ मुहूर्त देखकर दिन में ही शादी कर रहे हैं। सात से लेकर आठ बजे तक कार्यक्रम खत्म हो जा रहे हैं। मास्क और सामाजिक दूरी का पालन कर मांगलिक कार्यक्रमों का आयोजन हो रहा है।
कैटरिंग कारोबारी रौनक गुप्ता ने बताया कि दूसरी लहर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा अनिवार्य हो गया है। पार्टियां जोर दे रही हैं कि अतिथि जब आए तो उन्हें सबसे पहले काढ़ा ही परोसा जाए। कोल्डड्रिंक व आइसक्रीम को मेनू से बाहर कर दिया गया है। वाराणसी टेंट व्यवसायी एसोसिएशन के प्रवक्ता रोहित पाठक ने बताया कि शादियों में खानपान का मेनू बदल गया है। ठंडी चीजों के सेवन से लोग अब बच रहे हैं। जूस और शर्बत की मांग नहीं रह गई है। काढ़ा, काफी व चाय की मांग अधिक है।