मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंगा एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए आवश्यक भूमि के अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेस-वे निर्माण की कार्यवाही को तेजी से आगे बढ़ाने और भविष्य में इसे वाराणसी में मल्टी मॉडल टर्मिनल से जोड़ने के निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ अवनीश अवस्थी ने शुक्रवार को गंगा एक्सप्रेस-वे की डीपीआर का प्रस्तुतिकरण किया। सीएम ने गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की नियुक्ति के संबंध में सभी विकल्पों पर विचार करते हुए एक सप्ताह में ठोस प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
340 किमी लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का 60 फीसदी कार्य पूरा
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर भी रात-दिन काम चल रहा है। अब तक 60 फीसदी कार्य पूर्ण कर लिया गया है। लेकिन अभी भी 20 फीसदी मिट्टी का कार्य होना बाकी है। हवाई पट्टी के साथ कई जगह मेजर ब्रिज, अंडरपास और माइनर ब्रिज का भी काम अधूरा है। जबकि अगस्त 2020 तक इसे जनता को सुपुर्द करने का लक्ष्य है। लेकिन समय से सब कुछ हो पाना मुश्किल दिखाई दे रहा है। लॉकडाउन से थोड़ा कार्य प्रभावित जरूर हुआ है। बावजूद कंट्रक्शन कंपनी निर्माण कार्य में रात-दिन जुटी है।
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की लंबाई 340 किलोमीटर है। इसका निर्माण आठ पैकेज में किया जा रहा है। पूरे एक्सप्रेस-वे में 60 आरओबी, 60 मेजर ब्रिज, 123 माइनर ब्रिज, 223 अंडरपास के साथ एक हवाई पट्टी का निर्माण किया जाना है। एक्सप्रेस-वे के निर्माण में 18 हजार करोड़ रुपये खर्च भी होना है। दो माह पूर्व इसका निरीक्षण करने आए उप्र के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय ने कहा था कि निर्माण कार्य में क्वालिटी से कतई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।