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पति को 10 और सास-ससुर, दादी सास को सात-सात साल की जेल

Tue, 06 Mar 2018 08:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला,वाराणसी
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कोर्ट
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दहेज हत्या के मामले में वाराणसी फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश शैली राय ने अभियुक्त पति को दोषी पाने पर 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। वहीं, इस मामले के अन्य आरोपी ससुर बापी दास, सास ज्योत्सना व दादी सास माया दास को दोषी पाने पर सात-सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।
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मुर्शिदाबाद जनपद के मूल निवासी और जंगमबाड़ी में रहने वाले वादी शिशु बागदी ने छह अगस्त 2014 को लक्सा थाने में तहरीर दी थी। तहरीर में कहा था कि उन्होंने अपनी पुत्री लोतिका की शादी दो माह पूर्व औरंगाबाद निवासी बापी दास के पुत्र समीर बागदी के साथ की थी।

आरोप था कि शादी के बाद से ही पति समीर और ससुराल के अन्य लोग दहेज में 40 हजार रुपये की मांग करते हुए लोतिका को प्रताड़ित करने लगे। इस बीच लोतिका बागदी गर्भवती हो गई।
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06 अगस्त 2014 को वादी को सूचना मिली कि ससुराल वाले दहेज के लिए उनकी बेटी की हत्या कर दिए हैं और शव अस्पताल में पड़ा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में लोतिका की मौत जहर खाने की वजह से होने की पुष्टि की गई।

अदालत में अभियोजन की तरफ  से डीजीसी अनिल कुमार सिंह, एडीजीसी सत्यनारायण गौतम व सहयोगी सर्वेंद्र सिंह ने पक्ष रखते हुए छह गवाहों को परीक्षित कराया।
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दादा-दादी को जेल, साथ में एक साल की पोती भी गई

पिता के बाद दहेज हत्या के मामले में गिरफ्तार दादा-दादी के साथ एक साल की उनकी पोती शालिनी भी सोमवार को जेल भेज दी गई। मामला गाजीपुर जिले के  सैदपुर कोतवाली क्षेत्र के देवचंदपुर गांव के सुमेश्वर पट्टी का है। गांव के सुमेश्वर पट्टी निवासी संजय की पत्नी प्रियंका (25) की बीते 14 फरवरी को संदिग्ध परिस्थितियों में झुलसने से मौत हो गई थी।

प्रियंका के पिता मुन्नीलाल ने उसके पति संजय, ससुर रामचंद्र, सास तारा सहित 6 लोगों के विरुद्ध दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। पुलिस ने संजय को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया था।

सोमवार को पुलिस ने मृतका के ससुुर रामचंद्र और सास तारा देवी को भी उनके घर से गिरफ्तार कर लिया। परिवार में और किसी के न रहने की वजह से मृत प्रियंका की एक वर्षीय पुत्री शालिनी को भी पुलिस को दादा-दादी के साथ जेल भेजना पड़ा।

इस संबंध में क्षेत्राधिकारी मन्नीलाल गौड़ ने बताया कि मृतका की पुत्री को ननिहाल पक्ष के लोग ले जाने को तैयार नहीं हुए। ससुराल पक्ष के लोग आरोपी हैं। ऐसे में बच्ची को दादा-दादी के साथ जेल भेजना पुलिस की मजबूरी है। मामले में कुल 6 आरोपी हैं, जिसमें से तीन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। विवेचना जारी है।  

 
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