सीओ पिंडरा अभिषेक कुमार पांडेय के नेतृत्व में क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय और चोलापुर थानाध्यक्ष महेश सिंह की संयुक्त टीम ने तफ्तीश शुरू की। तफ्तीश में सामने आया कि कुसुम और उसके गांव के प्रद्युम्न की नजदीकी थी और दोनों शादी करना चाहते थे। डब्लू दोनों की नजदीकी का विरोध करता था। इसे लेकर पहले भी मारपीट और मुकदमेबाजी हुई थी। डब्लू मुंबई से घर आया तो एक बार फिर प्रद्युम्न से कुसुम की नजदीकी को लेकर उसका विवाद शुरू हुआ।
इस पर कुसुम ने डब्लू को रास्ते से हटाने के लिए प्रद्युम्न से बात की तो वह तैयार हो गया। प्रद्युम्न ने अपने दोस्त आयर गांव के शुभम सिंह से बात कर उसे जमकर शराब पिलाई। शुभम जब शराब के नशे में धुत हो गया तो प्रद्युम्न उसके साथ कुसुम के घर पहुंचा। कुसुम की मौजूदगी में ही दोनों ने डब्लू पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को ले जाकर समीप के ही गेहूं के खेत में फेंक दिया। वारदात में सहयोग करने वाले अन्य लोगों की भूमिका की पुलिस जांच कर रही है।
कुसुम, प्रद्युम्न और शुभम ने डब्लू की हत्या के बाद उसके पिता सहित घर के अन्य लोगों को फंसाने के लिए साजिश रची। दरअसल इस बार मुंबई से घर आते ही डब्लू ने अपने पिता से अपना मकान अलग बनाने के लिए जमीन मांगी थी। काफी पंचायत के बाद उसके पिता एक बिस्वा जमीन देने के लिए तैयार हुए थे। डब्लू की हत्या के बाद उसी जमीन में उसका शव फेंका गया जो उसे घर बनाने के लिए मिलने वाली थी। इसके पीछे तीनों की चाल यह थी कि डब्लू के पिता सहित परिवार के अन्य लोगों को लेकर पुलिस यह सोचेगी कि वह उसे जमीन नहीं देना चाहते थे, इसी वजह से उसकी हत्या कर दिए। हालांकि तीनों की चालाकी काम न आई और वह पकड़े गए।