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Varanasi News: पारिवारिक विवादों में फंसे सैकड़ों जर्जर भवन, न हो रही मरम्मत, न गिरवा पा रहे

Sat, 10 Aug 2024 10:38 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

वाराणसी में पारिवारिक विवादों के जाल में सैकड़ों जर्जर भवन फंसे हुए हैं। ऐसे में न ही इनकी मरम्मत हो पा रही है और न गिरवा पा रहे हैं। नगर निगम में मरम्मत के आवेदन पत्र के साथ मालिकाना हक की कॉपी देनी होती है। 
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कोतवाली क्षेत्र में जर्जर भवन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी नगर निगम की सूची के मुताबिक 489 मकान जर्जर हैं। इसमें सबसे अधिक कोतवाली क्षेत्र में 258 हैं। इसके बाद दशाश्वमेध क्षेत्र में 152 भवन हैं। इन भवनों से नगर निगम के पास मरम्मत और गिराने के लिए आवेदन भी किया जाता है। मगर 90 फीसदी से अधिक भवनों में पारिवारिक विवाद, किरायेदारों से विवाद के चलते उनका निस्तारण नहीं हो पा रहा है। एक पक्ष राजी होता है तो दूसरा पक्ष मना कर देता है।

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पक्का महाल क्षेत्र में कई ऐसे भवन हैं जो पूरी तरह जर्जर हो चुके हैं। इन गली से न गुजरें, ऐसे नोटिस भी नगर निगम ने चस्पा कर दिए हैं मगर लोग गुजर भी रहे हैं। उस जर्जर भवन के आसपास बने भवन स्वामियों को भी खतरा बना हुआ है। लाल घाट के पास एक जर्जर भवन से सटा हुआ स्कूल भी चल रहा है। यहां कभी भी कोई घटना घट सकती है। इस जर्जर भवन के स्वामी गणेश प्रसाद मिश्रा पास के ही एक दूसरे मकान में रह रहे हैं।

उनका कहना है कि कोर्ट में मुकदमे के कारण यथास्थिति बनी हुई है। उन्होंने कई बार कोशिश की है कि इसको गिरा दिया जाए मगर दूसरा पक्ष राजी नहीं होता है। इसी तरह इस गली में कुछ और जर्जर भवन हैं।

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काल भैरव मंदिर के पास दंडपाणि भैरव गली से गुजरते हुए हजारों की तादाद में श्रद्धालु दर्शन करने जाते हैं। इसी जर्जर भवन के नीचे कई बार लंबी लाइन भी दर्शन के लिए लगी रहती है। पड़ोसी बताते हैं कि भवन में कई साल से ताला लगा है, भवन स्वामी कहां रहते हैं किसी को नहीं पता है।

इस साल सिर्फ 40 आवेदन आए
नगर निगम के मुताबिक इस साल सिर्फ 40 आवेदन ही मरम्मत से संबंधित मिले हैं। इनका मौके पर सत्यापन कराया जा रहा है। यदि सभी दस्तावेज सही मिले और कोई विवाद नहीं हुआ तो नियमानुसार उन्हें मरम्मत की अनुमति दे दी जाएगी।

जर्जर भवनों की संख्या पहुंची 489

क्षेत्र                जर्जर भवन
कोतवाली             258
दशाश्वमेध             152
वरुणापार             12
आदमपुर             13
भेलूपुर                 14
सारनाथ               09
रामनगर              31

जर्जर भवनों को चिह्नित करेगी प्रशासन, पुलिस, नगर निगम की संयुक्त टीम

शहर के जर्जर भवनों को चिह्नित करने के लिए पहली बार जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम बनाई गई है। डीएम एस राजलिंगम ने शुक्रवार को कमेटी बनाकर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। बृहस्पतिवार को नगर आयुक्त अक्षत वर्मा ने डीएम को पत्र लिखकर कमेटी बनाने का अनुरोध किया था।

डीएम ने कमेटी बनाकर सभी को जोनवाइज जिम्मेदारी सौंपकर जर्जर भवनों की सूची देने के निर्देश दिए है। जारी आदेश के मुताबिक यह टीम अपने-अपने क्षेत्र में घूमकर जर्जर भवनों को चिह्नित करेगी और आमजन मानस की सुरक्षा के लिए कार्रवाई करेगी। जिला प्रशासन की ओर से उप जिलाधिकारी सदर सार्थक अग्रवाल, पुलिस विभाग से सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली और नगर निगम से जोनल अधिकारी कोतवाली इंद्रविजय को नामित किया गया है।
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आदमपुर जोन के लिए जिला प्रशासन की ओर से आनंद मोहन उपाध्याय, अपर नगर मजिस्ट्रेट तृतीय, पुलिस विभाग से सहायक पुलिस आयुक्त चेतगंज एसीपी नीतू और नगर निगम से जितेंद्र कुमार आनंद जोनल अधिकारी आदमपुर को नामित किया गया है। दशाश्वमेध जोन के लिए जिला प्रशासन की ओर से अशोक कुमार यादव, अपर नगर मजिस्ट्रेट, पुलिस विभाग से एसीपी दशाश्वमेध और नगर निगम से जितेंद्र कुमार आनंद जोनल अधिकारी दशाश्वमेध को नामित किया गया है।

भेलूपुर जोन के लिए जिला प्रशासन की ओर से प्रज्ञा सिंह, नगर मजिस्ट्रेट, पुलिस विभाग से एसीपी भेलूपुर धनंजय मिश्रा और नगर निगम से अनुपम त्रिपाठी जोनल अधिकारी भेलूपुर को नामित किया गया है। चौक क्षेत्र के लिए जिला प्रशासन की ओर से पिनाक मणि त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर, पुलिस विभाग से एसीपी दशाश्वमेध और नगर निगम से इंद्रविजय, जोनल अधिकारी कोतवाली को नामित किया गया है।
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