बच्चों को पेट में कीड़े मारने की दवा एलबेंडाजॉल खिलाने का अभियान मंगलवार को शुरू तो हो गया, लेकिन पहले दिन कितने बच्चों को दवा खिलाई गई, इसका आंकड़ा ही स्वास्थ्य विभाग को पता नहीं है। इस तरह की स्थिति तब है, जब अभियान की तैयारी सप्ताह भर पहले से हो रही है और जागरूकता कार्यक्रम भी कराए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 20 जुलाई को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (एनडीडी) पर शहरी और ग्रामीण इलाकों के प्राथमिक व जूनियर स्कूलों में बच्चों एवं किशोरों को कृमि मुक्ति की दवा खिलाकर अभियान का शुभारंभ किया गया। सीएमओ से लेकर अन्य विभागीय अधिकारी भी इस दवा से बच्चों को होने वाले लाभ की जानकारी तो दे रहे हैं लेकिन पहले दिन विभाग की ओर से आंकड़ा तक नहीं जारी किया गया।
सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने बताया कि अभियान के तहत आंगनबाड़ी केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों और पंजीकृत स्कूलों, ईंट भट्ठों पर कार्य करने वाले श्रमिकों और घुमंतू लोगों को दवा खिलाई जानी है। आंकड़ा न दिए जाने के सवाल पर सीएमओ ने बताया कि दवा खिलाने वालों का आंकड़ा देने की जिम्मेदारी नोडल अधिकारी डॉ. राजेश प्रसाद और जिला सामुदायिक प्रक्रिया प्रबंधक रमेश प्रसाद वर्मा की है। इन लोगों ने क्यों नहीं आंकड़ा दिया, इस बारे में पूछताछ की जाएगी।