विद्युत विभाग पर आरोप
ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस घटना की सूचना तुरंत अवर अभियंता विद्युत प्रिंस को दी गई और बिजली काटने की अपील की, लेकिन उन्होंने विद्युत लाइन काटने के बजाए नियमों का हवाला देते हुए आग लगने का दूसरा कारण बताने की कोशिश की। इसके बाद, ग्रामीणों ने एसडीओ से शिकायत की, जिसके बाद बिजली कटौती की गई।
ग्रामीणों ने अवर अभियंता के अमानवीय व्यवहार पर भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि जब किसी की जान-माल का खतरा हो, तब अधिकारियों को तत्काल निर्णय लेकर समस्या का समाधान करना चाहिए, न कि नियमों का हवाला देकर समय गंवाना चाहिए।
प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग इस हादसे के बाद अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं और विद्युत विभाग को जिम्मेदारी का एहसास कराया जाए ताकि भविष्य में ऐसी कोई अप्रिय घटना न हो।