मिशाल ने होटल प्रबंधन पर कार्रवाई के लिए सिगरा थाने की पुलिस को तहरीर भी दी थी। लेकिन, मुकदमा नहीं दर्ज किया जा सका। इस विवाद के बाद तेज प्रताप बिहार चले गए थे। वहीं, होटल के महाप्रबंधक संदीप कुमार का कहना था कि मंत्री के नाम से दो कमरों की बुकिंग मात्र एक दिन के लिए थी। जो लोग पहले से उन दोनों कमरों की बुकिंग करा रखे थे, उनके आने पर मंत्री के सहायकों और सुरक्षा कर्मियों का कमरा खाली करा कर सामान आगंतुक कक्ष में रखवाया गया था। पूरे मामले को बेवजह तूल दिया गया है।
कार में तेज प्रताप यादव
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सिगरा थाना प्रभारी राजू सिंह ने बताया कि उन्होंने होटल में हुए विवाद की जांच रिपोर्ट डीसीपी काशी जोन को सौंप दी है। जिन मानकों का पालन किया जाना चाहिए, उन सभी से संबंधित होटल के कागजात दुरुस्त मिले हैं। सीसी कैमरों की फुटेज चेक की गई तो सामने आया कि मंत्री तेज प्रताप यादव का कमरा नहीं खोला गया था। उनके लिए जो कमरा बुक था, वह अभी भी बंद है। होटल प्रबंधन को कहा गया है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की मौजूदगी में ही वह कमरा खोला जाएगा।
होटल के महाप्रबंधक संदीप कुमार ने कहा कि जिन दो कमरों की बुकिंग की गई थी, उनका किराया हमें नहीं मिला। उसके बाद भी एक कमरा अनावश्यक रूप से तीन दिन से बंद है। फिलहाल शहर के होटलों में कमरे बेहद मुश्किल से मिल रहे हैं, उस समय हमारे होटल का एक कमरा बेवजह ही बंद है। बेवजह के विवाद के बाद आर्थिक नुकसान हो रहा है।