फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: तेज प्रताप यादव होटल प्रकरण में गलती किसकी, क्या सच में हुई बदसलूकी? DCP को सौंपी गई जांच रिपोर्ट

Mon, 10 Apr 2023 03:20 PM IST
वाराणसी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बिहार सरकार के मंत्री और राजद नेता तेज प्रताप यादव का वाराणसी प्रकरण सुर्खियों में है। होटल के कमरे को लेकर तेज प्रताप से संबंधित विवाद की रिपोर्ट सिगरा थानाध्यक्ष ने डीसीपी काशी जोन को सौंप दी है।
विज्ञापन
बिहार के मंत्री तेज प्रताप यादव का सामान होटल से बाहर निकालने का आरोप - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिहार सरकार के मंत्री और राजद नेता तेज प्रताप यादव के वाराणसी से जाने के बाद रविवार की रात तक परेड कोठी स्थित आर्केडिया होटल में उनके लिए बुक कमरे का दरवाजा नहीं खोला जा सका। सिगरा थाने की पुलिस का कहना है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, होटल के कमरे को लेकर तेज प्रताप से संबंधित विवाद की रिपोर्ट सिगरा थानाध्यक्ष ने डीसीपी काशी जोन को सौंप दी है।

विज्ञापन


तेज प्रताप यादव बीते छह अप्रैल की देर रात दर्शन-पूजन के लिए काशी आए थे। उनके एक करीबी ने कैंट रोडवेज क्षेत्र के आर्केडिया होटल में उनके लिए कमरा नंबर 205 और 206 बुक कराया था। सात अप्रैल की देर रात तेज प्रताप अपने निजी सहायकों और सुरक्षा कर्मियों के साथ होटल पहुंचे।

होटल में जमकर हुआ था हंगामा 

तेज प्रताप के निजी सहायक मिशाल सिन्हा ने आरोप लगाया कि उनके मंत्री की गैर मौजूदगी में उनका कमरा खोल कर सामान आगंतुक कक्ष में रखवा दिया गया। इसके अलावा जिस कमरे में निजी सहायक और सुरक्षा कर्मी ठहरे थे, उसका सामान निकाल कर बाहर फेंक दिया गया। इसे लेकर होटल में जमकर हंगामा हुआ था।
ये भी पढ़ें: तेज प्रताप यादव या होटल प्रबंधन, किसकी है गलती? जानिए कैसे विवाद बन गया बवाल

विज्ञापन

मिशाल ने होटल प्रबंधन पर कार्रवाई के लिए सिगरा थाने की पुलिस को तहरीर भी दी थी। लेकिन, मुकदमा नहीं दर्ज किया जा सका। इस विवाद के बाद तेज प्रताप बिहार चले गए थे। वहीं, होटल के महाप्रबंधक संदीप कुमार का कहना था कि मंत्री के नाम से दो कमरों की बुकिंग मात्र एक दिन के लिए थी। जो लोग पहले से उन दोनों कमरों की बुकिंग करा रखे थे, उनके आने पर मंत्री के सहायकों और सुरक्षा कर्मियों का कमरा खाली करा कर सामान आगंतुक कक्ष में रखवाया गया था। पूरे मामले को बेवजह तूल दिया गया है।

जांच में कुछ भी गलत नहीं मिला

कार में तेज प्रताप यादव - फोटो : अमर उजाला
सिगरा थाना प्रभारी राजू सिंह ने बताया कि उन्होंने होटल में हुए विवाद की जांच रिपोर्ट डीसीपी काशी जोन को सौंप दी है। जिन मानकों का पालन किया जाना चाहिए, उन सभी से संबंधित होटल के कागजात दुरुस्त मिले हैं। सीसी कैमरों की फुटेज चेक की गई तो सामने आया कि मंत्री तेज प्रताप यादव का कमरा नहीं खोला गया था। उनके लिए जो कमरा बुक था, वह अभी भी बंद है। होटल प्रबंधन को कहा गया है कि उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पुलिस की मौजूदगी में ही वह कमरा खोला जाएगा।
विज्ञापन

होटल के महाप्रबंधक बोले-  अब नुकसान भी हो रहा

होटल के महाप्रबंधक संदीप कुमार ने कहा कि जिन दो कमरों की बुकिंग की गई थी, उनका किराया हमें नहीं मिला। उसके बाद भी एक कमरा अनावश्यक रूप से तीन दिन से बंद है। फिलहाल शहर के होटलों में कमरे बेहद मुश्किल से मिल रहे हैं, उस समय हमारे होटल का एक कमरा बेवजह ही बंद है। बेवजह के विवाद के बाद आर्थिक नुकसान हो रहा है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें