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बनारस में होटल कर्मी फंदे पर लटका मिला, परिजनों ने लगाए ये आरोप

Tue, 08 Jan 2019 10:43 AM IST
shashikant misra न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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वाराणसी के भेलूपुर थाना अंतर्गत नेवादा स्थित एक होटल में काम करने वाला नीरज गोंड उर्फ शोभू (18) का शव सोमवार को फंदे से लटका मिला। सूचना पाकर पहुंचे शोभू के परिजनों ने हंगामा और पथराव कर डीरेका-लंका मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना के लगभग एक घंटे बाद पहुंची भेलूपुर पुलिस ने होटल मालिक और उसके दो भाइयों को हिरासत में लिया तो माहौल शांत हुआ।
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कपसेठी थाना अंतर्गत बनौली गांव निवासी शोभू चार भाइयों में तीसरे नंबर पर था। शोभू बीते कुछ महीने से नेवादा निवासी महेश पटेल के होटल में काम करता था और प्रथम तल पर बने टीनशेड के कमरे में रहता था। महेश के अनुसार शाम चार बजे के लगभग वह ऊपर के कमरे पर गया और दरवाजा खटखटाने लगा तो नहीं खुला।

उसने पुलिस और परिजनों को इस संबंध में सूचना दी। पुलिस मौके पर जाकर प्रकरण की तफ्तीश कर ही रही थी कि तब तक शोभू का भाई रवींद्र और मां रुक्मिणी देवी के साथ परिजन पहुंचे। परिजनों ने होटल मालिक पर हत्या का आरोप लगा कर हंगामा शुरू कर दिया और होटल मालिक व उसके परिजनों पर पथराव करने लगे तो पुलिसकर्मी एक-एक कर बाहर निकल गए।
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परिजनों ने बाहर जाम लगा दिया।  इस दौरान डीरेका-लंका मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई थी। वहीं, इसके चलते ककरमत्ता-भिखारीपुर मार्ग पर भी जाम लग गया था। पुलिस ने होटल मालिक व उसके दो भाइयों को हिरासत में लिया तो माहौल सामान्य हुआ।

इस संबंध में इंस्पेक्टर भेलूपुर ने बताया कि फिलहाल तहरीर नहीं मिली है। आरोप के आधार पर होटल मालिक और उसके भाई हिरासत में हैं। तहरीर और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई जाएगी।
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नहीं देता था तनख्वाह और करता था पिटाई

शोभू की मां रुक्मिणी देवी ने आरोप लगाया कि बीते महीने से उसका बेटा घर जाने के लिए तनख्वाह का पैसा मालिक से मांग रहा था। मगर, मालिक पैसा न देकर रोजाना उसकी पिटाई करता था। शोभू पांच हजार रुपये महीने पर काम करता था। उसने खुद फांसी नहीं लगाई है, उसका पैर जमीन से सटे थे। उसे मारपीट कर फंदे से लटकाया गया है।

उधर, होटल मालिक महेश ने शोभू से मारपीट करने और फंदे पर लटकाने जैसी बात से साफ इंकार किया। रुक्मिणी ने बताया कि दो साल पहले तक वह और उसका परिवार सुंदरपुर क्षेत्र में किराए पर रहते थे। इन दिनों वह जंसा थाने के नरैचा गांव में अपने मां के घर में रहकर मोमो बेचने का काम करती है।
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