जरूरत पड़ने पर उसे आक्सीजन भी नहीं मिल पाई, जबकि वह अस्पताल कर्मचारियों से आक्सीजन की मांग करते रहे। महिला की मौत की जानकारी भी अस्पताल प्रशासन ने बहुत देर तक छिपाए रखी। महिला का पुत्र अंकित सिंह महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का छात्रनेता है और चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा है। लिहाजा सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र अस्पताल पहुंचे और हंगामा करने लगे।
पुलिस ने मामले में काशी विद्यापीठ के एक नेता समेत तीन युवक को पुलिस ने हिरासत में लिया और बाद में छोड़ दिया। अस्पताल के सीएमएस डॉ. वी. शुक्ला ने कहा कि मौत का कारण लापरवाही नहीं है। मरीज को रेफर कर दिया गया था, लेकिन परिजन उन्हें ले जाने के लिए तैयार नहीं थे।