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हॉर्स रेसिंग बेटिंग: महाकाल व्हाट्सएप ग्रुप का एडमिन अरेस्ट, यू-ट्यूब से करता था ये काम; गोवा में ली ट्रेनिंग

Thu, 19 Mar 2026 05:36 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi Crime: आरोपी वाराणसी के दूसरे जिलों और राज्यों में लोगों से संपर्क करता था। उन्हें अपने झांसे में लेकर वेबसाइट से जोड़ता था। इसके साथ ही व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से भी ठगी करता था।
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सारनाथ थाने की पुलिस ने की कार्रवाई। - फोटो : अमर उजाला
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Horse Racing Betting: हॉर्स रेसिंग बेटिंग एप के आरोपी महाकाल व्हाट्सएप ग्रुप के एडमिन राघवेंद्र सिंह को साइबर सेल ने बुधवार को सारनाथ थाने के तिलमापुर से गिरफ्तार किया। महाकाल और एके रेसिंग व्हाट्सएप ग्रुप से ऑनलाइन जुए का खेल चला रहा था। मुंबई, दिल्ली तक हॉर्स रेसिंग बेटिंग के तार जुड़े हैं। आरोपी राघवेंद्र के चचेरे भाई मनोज, अजय वाधवानी, पवन शर्मा और एक अन्य की गिरफ्तारी के लिए साइबर सेल की टीम दबिश दे रही है।

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साइबर सेल और प्रतिबिंब पोर्टल के प्रभारी हिमांशु त्रिपाठी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी गाजीपुर के बासूचक रामपुर मांझा निवासी राघवेंद्र सिंह, तिलमापुर में रहता है। पूछताछ में बताया कि हॉर्स रेसिंग में बेटिंग करवाता हूं। व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा है। 

लोग वीडियो यू-ट्यूब से देखकर संपर्क करते हैं, जिन्हें एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर भारत में डेली होने वाले हार्स रेस की बोर्ड की फोटो ग्रुप में डालकर लोगों से बेटिंग के लिए कहा जाता है। बेटिंग करने वाले चचेरे बड़े भाई मनोज कुमार सिंह के बैंक खाते में पैसे भेजते थे। 

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ऐसे निकालते थे रुपये

यूपीआई के जरिये रकम को निकाल लेता था। पैसे लगाने वाले अपना घोड़ा चुनकर बेट लगाते थे। रिजल्ट आने पर जीते लोगों का पैसा वापस कर देते हैं और जो लोग हार जाते हैं उनका पैसा रख लेते हैं। रेस कोर्स के रिजल्ट indiarace.com नामक वेबसाइट पर देख लेते हैं। 

आरोपी राघवेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि पिछले एक साल से महाकाल ग्रुप से जुड़ा था। एक मोबाइल नंबर से एक व्यक्ति को बोर्ड भेजा जाता है। जिसे ग्रुप में फारवर्ड कर देते हैं। पीड़ित अमोल ने भी व्हाट्सएप ग्रुप में जुड़कर बेटिंग किया था। उसने चालाकी से बेट जीतने वालों की फोटो अपने व्हाट्सएप पर लगाकर जीत की रकम खाते में ले ली।
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कोविड के दौरान रेस हार्स बेटिंग एप से जुड़ा, गोवा में ली ट्रेनिंग
गोवा में कर्मा ग्रुप में नौकरी के दौरान मैनेजर अजव वाधवानी के साथ मुंबई आवाजाही करता था। उसके साथ रेसकोर्स भी जाता था। यही से हॉर्स रेसिंग का आइडिया मिला। कोविड के समय व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया, जिसमें अजय वाधवानी के माध्यम से जुड़ गया था, हॉर्स रेस पर पैसा लगाया था। वहीं से जानकारी हुई। एके रेसिंग ग्रुप 2020 में बनाया गया था, पिछले 2 महीने से देख रहा हूं। बेटिंग में पवन शर्मा के कहने पर लगाया। पवन शर्मा के बताए गए अकाउंट में आगे भेजकर बेटिंग में लगा देता था।
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