एसएन मेडिकल कॉलेज में ड्राई रन के दौरान स्वास्थ्य कर्मी
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग संसाधनों की व्यवस्था में जुट गया है। इसमें स्थानीय के साथ ही आसपास के जिलों के चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी कोरोना मरीजों के इलाज के लिए लगाया जाएगा।
डीएम कौशल राज शर्मा ने इसके लिए प्रमुख सचिव चिकित्सा, स्वास्थ्य को पत्र लिखकर वाराणसी के आसपास के जिले में तैनात मेडिकल कॉलेजों में चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों को एक महीने के लिए सेवा देने को कहा है।
जिलाधिकारी ने पत्र में बताया है कि हेरिटेज मेडिकल कॉलेज में 500 मरीजों को भर्ती करने की क्षमता है, लेकिन वहां चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ न होने की वजह से 200 से ज्यादा बेड का संचालन करने में समस्या आ रही है।
बीएचयू से मांगे डाटा एंट्री आपरेटर, डॉक्टर
जिलाधिकारी ने बीएचयू कुलपति से डाटा एंट्री ऑपरेटर की मांगे हैं। कुलपति को लिखे पत्र में जिलाधिकारी ने बताया है कि सभी विभागों में जितने भी कर्मचारियों को कंप्यूटर की जानकारी है उन सभी कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराएं। जिससे बीएचयू के विभिन्न चिकित्सा इकाइयों में इन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के साथ ही जिला स्तर पर सामुदायिक और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी इन कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाई जा सके।
साथ ही कुलपति से आयुर्वेद संकाय में तैनात डॉक्टर, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट के साथ आयुर्वेद में दक्ष विभागवार कर्मचारियों भी सूची मांगी है। उन्हें एक-दो दिन के अंदर ही रिपोर्ट करना होगा। साथ ही किसी को भी छुट्टी नहीं दी जाएगी और दो महीने तक ड्यूटी करने के लिए प्रेरित किया जाए।
होम्योपैथी और आयुर्वेदिक चिकित्सकों, कर्मियों की मांगी सूची
जिलाधिकारी ने होम्योपैथी और आयुर्वेदिक चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ ही अन्य कर्मचारियों को कोरोना ड्यूटी में लगाने का निर्णय लिया है। क्षेत्रीय यूनानी अधिकारी, क्षेत्रीय आयुर्वेदिक अधिकारी और जिला होम्योपैथिक अधिकारी को लिखे पत्र में जिलाधिकारी ने सभी से चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ और कर्मचारियों की सेवा लेने के लिए सूची मांगी है।