हॉलीवुड स्टार मॉर्गन फ्रीमैन ने गुरुवार को गौतम बुद्ध की उपदेशस्थली सारनाथ में फिल्म की शूटिंग और वज्रयानी परंपरा की पूजा के बहाने सात घंटे गुजारे।
अध्यात्म और ज्ञान को आत्मसात किया। हिंदू-बौद्ध धर्म के जीवन दर्शन पर चर्चा भी की। इससे पहले उन्होंने नेशनल जियोग्राफिक चैनल की डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘द स्टोरी आफ गॉड’ की शूटिंग की।
फ्रीमैन पिछले तीन दिन से काशी में हैं। वह बुधवार की शाम दशाश्वमेध घाट भी पहुंचे थे और गंगा आरती का फिल्मांकन भी किया था।
फ्रीमैन सुबह 8:15 बजे इतनी सादगी से सारनाथ में दाखिल हुए कि पहले से उनकी राह देखने वाले भी उन्हें पहचान न सके।
संग्रहालय परिसर के सामने वे रिक्शे से पहुंचे और जब अंदर प्रवेश करने लगे तब प्रवेश द्वार पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें रोक दिया।
सुरक्षाकर्मियों ने रिक्शेवाले को यह कहते हुए वापस कर दिया कि खंडहर परिसर में करमापा का कार्यक्रम चल रहा है, वहां किसी को नहीं जाने दिया जा सकता।
कुछ देर में ही जब डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली यूनिट को इसकी जानकारी हुई तब उनकी टीम के अधिकारी दौड़कर आए और सुरक्षाकर्मियों को बताया कि रिक्शे पर सवार कोई और नहीं बल्कि फ्रीमैन ही हैं।
तब सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें सम्मान के साथ खंडहर परिसर की ओर जाने दिया। खंडहर परिसर के गेट पर फ्रीमैन रिक्शे से उतर गए।
वहां से पैदल सीधे परिसर में वहां पहुंचे, जहां करमापा उग्येन त्रिनले दोरजे टहल रहे थे। फ्रीमैन ने दोरजे का खाता(बौद्ध परंपरा का प्रतीक) भेंट कर पारंपरिक ढंग से अभिवादन किया।
इसके बाद करमापा ने फ्रीमैन को मूलगंध कुटी विहार के प्राचीन अवशेषों के बारे में बताया। इस दौरान हॉलीवुड स्टार और आध्यात्मिक बौद्ध गुरु के बीच हिंदू धर्म और बौद्ध धर्म की समानताओं और उनके दर्शन के बारे में चर्चा हुई।
इस दौरान भगवान बुद्ध की उपदेश स्थली, धमेख स्तूप व अन्य अवशेषों की फ्रीमैन से शूटिंग की। इसके बाद करीब नौ बजे फ्रीमैन आध्यात्मिक गुरु के साथ कार से वज्र विद्या संस्थान पहुंचे।