मुख्यमंत्री ने अनोखी परंपरा की शुरुआत की थी, जो भगवान विश्वनाथ को प्राकृतिक और शुद्ध गुलाल की भेंट देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी। बाबा विश्वनाथ का गर्भगृह गुलाल की आभा से दमक रहा था। बाबा की सप्तर्षि आरती में भी भक्तों ने शाम को बाबा को गुलाल अर्पित किया। पूरे परिसर में लाल, हरे और पीले रंग के गुलाल की रंगत देखते ही बन रही थी।
मंदिर चौक पर भक्तों ने खेली होली
श्री काशी विश्वनाथ धाम में शिवभक्तों ने होली खेली। बाबा विश्वनाथ को गुलाल अर्पित करने के बाद धाम में जमकर होली खेली। एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की शुभकामनाएं दीं।