होली उत्सव के दौरान छात्राओं ने ब्रज की होली के साथ काशी की होरी की लोक धारा को शास्त्रीय धारा की विभिन्न शैलियों में श्रीकृष्ण के विविध लीलाओं को होरी गीत के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुति दी।
होली के अवसर पर बसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा में शनिवार को संगीत विभाग की ओर से बसंतोत्सव चलो ब्रज देखन होरी का संगीतमय आयोजन किया गया। जिसमें छात्राओं ने ब्रज की होली के साथ काशी की होरी की लोक धारा को शास्त्रीय धारा की विभिन्न शैलियों में श्रीकृष्ण के विविध लीलाओं को होरी गीत के माध्यम से मनमोहक प्रस्तुति दी। शुभारंभ श्रीकृष्ण राधा के चरणों में गुलाल एवं महीयसि डॉ. एनी बेसेंट को पुष्प अर्पित कर भावांजलि दी गई।
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संगीत विभाग की प्रो. सीमा वर्मा के निर्देशन में छात्राओं ने धमार ख्याल राग माला चतुरंग दादरा रसिया व चलति दीपचंदी कहरवा में विभिन्न बंदिशों की प्रस्तुति दी। श्रेया पांडेय स्वास्ती मिश्रा आरती कुमारी वैदेही निमगांवकर वैष्णवी शुक्ला एवं सौम्या मौर्या ने होरी होरी खेलत नन्दलाल खोये गयो बाजुबंद रसिया होरी में गाकर सभी को गीतों के सबरंग से सराबोर कर दिया।
संवादिनी प्रो. सीमा वर्मा तबले पखावज एवं ढप पर सोम्यकांति मुख़र्जी एवं डॉ अमित कुमार ईश्वर ने संगत किया। जया राय के निर्देशन में कत्थक प्रशिक्षण ले रही छात्राओं ने बिरज के साथ काशी की होरी को नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया। छात्राओं ने एक दूसरे को गुलाल एवं अबीर लगाकर होली की खुमार में खूब मस्ती की। समस्त छात्राओं को होली की शुभकामनाएं प्रबंधक उमा भट्टाचार्य स्वागत प्राचार्य प्रो. रचना श्रीवास्तव एवं संचालन डॉ पूनम वर्मा ने किया।