वाराणसी के रोहनिया क्षेत्र में होलिका की तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि सात मार्च को पूर्णिमा का मान शाम को 5:40 बजे तक है और सूर्यास्त 5:49 बजे होगा। ऐसे में पूर्णिमा के बाद 49 घटी और 38 पल का सूर्यास्त मिल रहा है। ऐसे में सात की शाम को भद्रा का अंत, पूर्णिमा का अंत और सूर्यास्त भी मिल रहा है।
ऐसे में काशी की जनता सात मार्च की गोधूलि बेला में होलिका दहन करके आठ मार्च को होली मनाएगी। सात मार्च को शाम को हुताशिनी की जन्म जयंती और भगवान चैतन्य प्रभु का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। सात मार्च को भद्रा का समापन होने के बाद गोधूलि बेला में होलिका दहन होगा।
बीएचयू कैंपस में होली की मस्ती
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रंगभरी एकादशी से वाराणसी में छाया होली का उल्लास चटख हो चला है। बाबा विश्वनाथ से अनुमति लेने के बाद वाराणसी में होली की हुड़दंग अब नजर आने लगा है। शहर भर के कई इलाकों में होलिकाओं को सजा दिया गया। कहीं 18 फीट की होलिका की प्रतिमा तो कहीं पांच फीट की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
स्नान, दान और व्रत का पर्व फाल्गुनी पूर्णिमा सात मार्च को मनाई जाएगी। होली का खुमार काशी में हर तरफ नजर आ रहा है। चौक, बांसफाटक, अस्सी, भदैनी, शिवाला क्षेत्र में तो होली की हुड़दंग गलियों में भी नजर आ रही है। गुलाल के साथ ही पानी वाले रंगों से लोगों ने होली खेलनी शुरू कर दी है।
बीएचयू कैंपस में होली की मस्ती
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