फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: हिस्ट्रीशीटर ने फंदा लगाकर दी जान, पिता का आरोप- पुलिस की छानबीन से तनाव में था अनिल; जानें पूरा मामला

Sun, 07 Jun 2026 11:15 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: वाराणसी के लक्सा थाना क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ पट्टी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। हत्या, लूट समेत दो दर्जन से अधिक मुकदमों के आरोपी अनिल पर कभी 50 हजार का इनाम भी घोषित था। परिजनों ने जिला बदरी के बाद पुलिस की कार्रवाई से तनाव में होने की बात कही है।
विज्ञापन
मंडलीय अस्पताल में हिस्ट्रीशीटर अनिल के परिजन। - फोटो : संवाद
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Varanasi Crime: लक्सा थाने के हिस्ट्रीशीटर अनिल यादव उर्फ पट्टी (35) ने शनिवार की देर रात कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। सूचना पर रविवार की सुबह पुलिस पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने उसे दो महीने के लिए जिलाबदर घोषित किया था। अनिल पर 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था।

विज्ञापन





पुलिस की छानबीन में सामने आया कि अनिल यादव घरेलू कलह और आर्थिक तंगी से परेशान था। उसके खिलाफ शहर के विभिन्न थानों में हत्या, हत्या के प्रयास, लूट और रंगदारी मांगने सहित अन्य आरोपों में 27 से ज्यादा मामले दर्ज हैं।

विज्ञापन

लक्सा थाने की पुलिस ने उसकी हिस्ट्रीशीट खोली थी। हिस्ट्रीशीट की संख्या 38ए है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि औरंगाबाद निवासी अनिल यादव शनिवार की रात 2 बजे के बाद घर पहुंचा। पत्नी खाना लेकर उसके कमरे में गई लेकिन अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। सुबह कमरा खुलवाने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। दरवाजा तोड़कर देखा गया तो वह पंखे की कुंडी में दुपट्टे के सहारे फंदे से लटका था। अनिल के भाई संतोष यादव और पिता पनारू यादव ने पुलिस पर आरोप लगाया कि पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। इससे वह तनाव में था। 
अनिल आपराधिक छवि का था। हिस्ट्रीशीटर थाने में आकर हाजिरी लगाते हैं। वह भी लगाता था। पारिवारिक परेशानियों की वजह से कुछ दिनों से तनाव में था। आर्थिक स्थिति भी खराब हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है। - राजू कुमार, थाना प्रभारी, लक्सा 
विज्ञापन

काशी विद्यापीठ के छात्र की हत्या में आया था नाम
पुलिस के मुताबिक 13 साल पहले सिगरा थाना क्षेत्र के सिद्धगिरीबाग में विद्यापीठ के छात्र की हत्या के मामले में अनिल यादव का नाम सामने आया था। आरोप था कि अनिल ने छात्र के चेहरे पर पटिया पटक दी थी। लूट, रंगदारी, मारपीट और अन्य कई आपराधिक मामलों में उसका नाम सामने आया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें