वाराणसी में अनोखा बैंक है जहां श्रद्धालुओं ने की 19 अरब 49 करोड़ 59 लाख 25 हजार रामनाम परिक्रमा की और पुण्य प्राप्त किया। इस बैंक का नाम राम रमापति बैंक है और काशी विश्वनाथ मंदिर के पास त्रिपुरा भैरवी घाट पर स्थित है। यहां पर भक्तों को पैसों का कर्ज नहीं बल्कि राम नाम का कर्ज दिया जाता है।
रामनवमी के अवसर पर सुबह शुभ मुहूर्त में रामलला की प्रतिकृति को पंचामृत से स्नान कराके मुकुट, हार कुण्डल और पीतांबर वस्त्र से अलंकृत किया गया। उसके बाद राम लला की प्रतिकृति को भक्तों के बीच दर्शन कराके झूला झुलाया गया और चांदी के झुनझुना बजाकर भय प्रकट कृपाला दीन दयाला, जय जय सुर नायक जन सुख दायक,विभिन्न प्रकार के मंगल गीत भक्तों के द्वारा राम लला को सुनाया गया।
आरती करने के बाद दर्शन के लिए कपाट खोल दिया गया। ये उत्सव रामनवमी से शुरू होता है।और 10 दिन तक निरंतर चलता है। जिसमें शाम को राम कथा का आयोजन किया जाता है और बच्चों में भगवान का चढ़ा खिलौना प्रसाद स्वरूप वितरण किया जाता है।और पूर्णिमा तिथि को दंडी स्वामी को भोजन करवाने के बाद भक्तों के लिए भंडारा का आयोजन किया जाता है।
उत्सव प्रबंधक सुमित मेहरोत्रा ने बताया कि,” हमारी पांचवीं पीढ़ी इस परंपरा को निभाती चली आ रही है। रमापति बैंक की स्थापना हमारे परदादा छन्नू लाल द्वारा की गई। वे साधु- संगत के आदमी थे नित्य स्नान ध्यान करने जाते हैं। उनको हिमालय के एक बाबा सतनाम जी ने कहा कि तुम्हारे चेहरे के तेज को देखकर लगता है कि जगत का कल्याण तुम्हारे हाथ से लिखा है।
उन्होंने कहा इसके बारे में किसी प्रचार की जरूरत नहीं है। इसका प्रचार भक्तों से ही भक्तों द्वारा होगा।आजतक भी आप देख सकते हैं कि राम रमापति बैंक का कोई भी बोर्ड अभी तक बाहर नहीं लगा है. रामनवमी के उत्सव के वक्त ही भक्तों को मार्गदर्शन के लिए बोर्ड लगाया जाता है ताकि वे आसानी से यहां पहुंच सके। इस साल 98 वार्षिक उत्सव मनाया जा रहा है।
जिसमें अब तक 19 अरब 49करोड़ 59 लाख 25 हजार हस्तलिखित राम नाम का संग्रह है। और सवा करोड़ शिव नाम की हस्तलिखित झांकी दर्शन और परिक्रमा भक्तों ने किया। यहां राम भक्त हर वर्ष राम नवमी को अपना खाता खुलवाने आते हैं।
क्या है खाता खुलवाने का नियम
जो लोग यहां आते हैं उनकी राशि व नाम से एक शुभ मुहूर्त निकाला जाता है। इसके बाद फॉर्म भराया जाता है। जिसके लिए एक नियम की पुस्तक उन्हें फ़ॉर्म भरने के पहले दी जाती हैं।क्योंकि जो भी भक्त बैंक में जुड़ रहे हैं उनको कुछ नियम का पालन करना होता हैं।
जैसे कि प्याज लहसुन नही खाना होता है।मांस-मदिरा का सेवन निषेध होता है. किसी की मृत्यु व बच्चे के जन्म के वक्त का अशुद्ध खाना नहीं खाना है।जूठा खाना नहीं खाना है. एक थाली में दो लोग खाना खाते हैं तो वो खाना जूठा होता है।
इन सारी चीजों का परहेज करते हुए ब्रह्म मुहूर्त में आपको राम नाम लिखना होता है।कागज स्याही कलम दवात सबकुछ बैंक की तरफ़ से फ्री ऑफ कॉस्ट मिलती हैं। सबसे पहले सुबह स्नान कर के राम नाम का लेखन करना है।जैसे ही 8 महीने 10 दिन का अनुष्ठान पूरा हो जाता हैं ।उसे विधिवत पूजा कर राम नाम बैंक में जमा कर दिया जाता है।