धर्माधिकारी बनने के लिए सनातन धर्म का पालन आवश्यक होगा। इच्छुक व्यक्ति को मांस-मदिरा से दूर रहने के साथ ही स्वच्छता पर भी ध्यान देना होगा। प्रशिक्षण के उपरांत धर्माधिकारी अपनी जमीन पर मंदिर का निर्माण कराएगा। इसी मंदिर में उसको पुजारी नियुक्त किया जाएगा। आने वाले दिनों में मंदिर की आय के हिसाब से पुजारियों को वेतन भी दिया जाएगा।