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ज्ञानवापी केस के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन को मिल रही धमकियां: बोले- हो सकते हैं किसी दुर्घटना का शिकार

Tue, 30 Aug 2022 12:12 PM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

ज्ञानवापी-श्रृंगार गौरी मामले में हिंदू पक्ष के पैरोकार जितेंद्र सिंह विसेन और वकीलों को धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने कहा कि अज्ञात लोगों की ओर से ज्ञानवापी प्रकरण से दूर रहने और बनारस नहीं आने की धमकी दी जा रही है। 
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जितेंद्र सिंह विसेन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ज्ञानवापी प्रकरण के पैरोकार और मथुरा श्रीकृष्ण जन्मभूमि के पक्षकार जितेंद्र सिंह विसेन को धमकी मिल रही है। उन्होंने कहा कि अज्ञात लोगों की ओर से ज्ञानवापी प्रकरण से दूर रहने और बनारस नहीं आने की धमकी दी जा रही है। परिस्थितियां ऐसी बन चुकी है कि परिवार के सदस्य, सहयोगी व मेरे अधिवक्ता कभी भी किसी भी षड्यंत्र या किसी दुर्घटना का शिकार हो सकते हैं। यदि ऐसा कुछ होता है तो हिंदू विरोधी शक्तियों के अतिरिक्त तथाकथित राष्ट्रवादी कुलश्रेष्ठ व कुछ अन्य लोगों के साथ-साथ प्रशासन जिम्मेदार होगा।

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ज्ञानवापी प्रकरण के पैरोकार जितेन्द्र सिंह विसेन के अनुसार वह काशी, मथुरा और देश के अन्य कई धार्मिक स्थलों की संवैधानिक लड़ाई लड़ रहे हैं। यह काम मैं ना करूं, इसके लिए हिंदू विरोधी शक्तियां हर संभव प्रयास कर रही हैं। हिंदू विरोधी शक्तियों के अतिरिक्त तथाकथित हिंदुत्व के ठेकेदार भी विरोध में उतर आए हैं और हर संभव प्रयास कर रहे हैं कि यह कार्य को छोड़ दूं। मेरे ऊपर दबाव बनाया जा रहा है कि मैं वकालत बंद कर दूं। 
 

उदाहरण के तौर पर मीडिया के माध्यम से समाज में भ्रम फैलाया गया कि राखी सिंह मुकदमा वापस ले रही हैं। मेरे अकाउंट में अज्ञात सूत्रों द्वारा पैसा देकर मुझे बदनाम करना। समाज में यह भ्रम फैलाया गया कि जितेंद्र सिंह बिसेन मुस्लिम पक्ष से मिले हुए हैं। 

मेरे द्वारा वीडियोग्राफी की सीबीआई जांच की मांग करना।  सीबीआई जांच की मांग पर मेरे सहयोगियों के ऊपर फर्जी मुकदमे लादकर उन्हें जेल भेजना। जिससे मेरे साथ जुड़े हुए लोगों का मनोबल टूटा और मेरे कई सहयोगी मुझसे दूर हो गए।
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उन्होंने आरोप लगाया कि कमीशन कार्रवाई के दौरान चौक थाने से संबंधित पुलिस अधिकारियों का मेरे प्रति दुर्व्यवहार पूर्ण बर्ताव और कुछ तथाकथित लोगों द्वारा कि उन्हें पाकिस्तान से धमकी मिल रही है, वह भी फोन पर मिस कॉल के द्वारा जो पूरी तरह समझ से परे है। न्यायालय परिसर में मेरे अधिवक्ता अनुपम त्रिवेदी को धमकी देना व डराना धमकाना शामिल है।
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