विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्न पत्र लीक कराकर परीक्षा से पहले ही अभ्यर्थियों को पढ़वाया जाता था और उनको उत्तर बता दिया जाता था। पूछताछ में बताया कि शिवबहादुर ने गिरोह के साथ मिलकर हिमाचल प्रदेश पुलिस में आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र लीक करा दिया। चंडीगढ़ में 11 अभ्यर्थियों को प्रश्न पत्र परीक्षा से एक दिन पूर्व ही हल करा दिया गया था। इस काम से अभी तक सात लाख रुपये मिले हैं।
एसटीएफ के अनुसार 27 मार्च 2022 को हिमाचल प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती की लिखित परीक्षा का प्रश्न पत्र परीक्षा से एक दिन पूर्व ही लीक हो गया था। हिमाचल प्रदेश के थाना गगल, जनपद कांगड़ा में मुकदमा दर्ज है। पेपर लीक करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गैंग के कई सक्रिय सदस्यों के वाराणसी व आसपास जिलों में होने की सूचना हिमाचल प्रदेश पुलिस के उच्चाधिकारियों ने एसटीएफ से साझा करते हुए सहयोग मांगा था।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं कई सदस्य
पेपर लीक मामले में गिरोह के कई सदस्य पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं। इसमे जौनपुर जलालपुर के कुसया मुजरा निवासी शिवबहादुर सिंह और गाजीपुर करंडा के खुलासपुर निवासी अखिलेश यादव को एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी व हिमाचल प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने 17 मई 2022 को वाराणसी से ही गिरफ्तार किया था।