लखनऊ के पेट्रोल पंपों की मशीनों में चिप लगाकर तेल चोरी की घटना के मद्देनजर इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आईओसी) अब हाईटेक मशीनें लगाने जा रहा है। पेट्रोल पंपों को ये मशीनें आईओसी ही मुहैया कराएगा।
इनके लगने के बाद जैसे ही कोई ऑपरेटर उससे किसी तरह की छेड़छाड़ की कोशिश करेगा, मशीन ऑटोमैटिक लॉक हो जाएगी। आईओसी के अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार की उड़ान परियोजना में कानपुर, इलाहाबाद और बरेली में इंडियन ऑयल एयरक्रॉफ्ट में ईंधन की आपूर्ति करेगा।
वहीं कुशीनगर में बनने जा रहे इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी यह सुविधा उपलब्ध रहेगी। आईओसी प्रदेश भर में वाहनों को ईंधन मुहैया कराने के लिए 650 बॉयो सीएनजी प्लांट स्थापित करेगा। इनमें कंप्रेस्ड बॉयो मीथेन गैस (सीबीजी) के भी प्लांट होंगे।
इस योजना पर 1650 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके लिए आईओसी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन उत्तरी क्षेत्र के कार्यकारी निदेशक हर्ष सचदेवा और कार्यकारी निदेशक उत्तर प्रदेश अरुण कुमार गंजू ने शुक्रवार को बनारस में बताया था कि वाहनों को सीबीजी और सीएनजी मुहैया कराने के लिए शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण रिटेल नेटवर्क तैयार किया जाएगा। सीबीजी और सीएनजी दूसरे ईंधन के मुकाबले सस्ता होने के साथ ही इससे प्रदूषण भी कम होगा।
गोरखपुर में लगेगा एथेनाल प्लांट
आईओसी गोरखपुर में 800 करोड़ रुपये की लागत से एथेनाल प्लांट लगाएगा। इसके अलावा, गोरखपुर में फर्टिलाइजर प्लांट लगाने की भी योजना बनाई गई है। गोरखपुर सहित देश में तीन जगह स्थापित होने वाले फर्टिलाइजर प्लांटों पर कुल 17 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे।
एलपीजी वितरण के नेटवर्क को विस्तार देने के लिए 11 सौ करोड़ रुपये की लागत से गुजरात से राजस्थान, एमपी होते हुए गोरखपुर तक पाइप लाइन बिछाई जाएगी। ब्रांच पाइप लाइन के जरिए उज्जैन और वाराणसी को भी इससे जोड़ा जाएगा। गोरखपुर के अलावा त्रिशुंडी में 147-147 करोड़ रुपये की लागत से बॉटलिंग प्लांट भी लगाए जाएंगे।