लालगंज थाना क्षेत्र के रैकल गांव में रविवार की रात जहरीले जंतु के काटने से अचेत युवक की परिजनों ने पहले झाडू-फूंक कराई, फिर सोमवार को उसे मंडलीय अस्पताल ले गए। मंडलीय अस्पताल से भी रेफर कर दिया गया तो घर लेकर आए लेकिन मौत हो गई। मंगलवार की सुबह परिजन अंतिम संस्कार को जा रहे थे कि रास्ते में किसी अनजान व्यक्ति ने शव को नीचे उतरवाकर जड़ी-बूटी पिला दी। अंधविश्वास से घिरे घरवाले किसी चमत्कार की आस में राबर्ट्सगंज के नौतोरवां में पड़े हैं।
क्षेत्र के रैकल निवासी 32 वर्षीय सुभाष को सोमवार की रात रात किसी जहरीले जंतु ने काट लिया। सुबह उठते ही सुभाष की तबीयत बिगड़ने लगी तो परिजन गांव में ही एक जड़ी-बूटी पिलाने वाले के पास ले गए। आराम नहीं हुआ तो पटेहरा जड़ी-बूटी पिलाने ले गए। इसके बाद पटेहरा पीएचसी ले गए। वहां से मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि मंडलीय अस्पताल में दो घंटे इलाज करने के बाद जवाब दे दिया गया। परिजन देर शाम घर आए।
मंगलवार सुबह युवक को मृत समझकर दाह संस्कार के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते मे एक अनजान व्यक्ति ने शव को नीचे उतरवाकर और झाड़-फूंक की। फिर उसे जड़ी-बूटी पिलाने के लिए राबर्ट्सगंज के नौतोरवां गांव ले गए। जड़ी बूटी डालने के बाद परिजन अभी भी चमत्कार की आस में नौतोरवां में ही हैं।