केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के अनुसार गंगा का जलस्तर 58.70 मीटर दर्ज किया गया। घाट की निचली सीढ़ियों और मढ़ियों तक पानी पहुंचने लगा है। वहीं बनारस में बढ़ाव के कारण गाजीपुर में भी गंगा के जलस्तर में बढ़ाव शुरू हो गया है।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में पिछले 24 घंटे में 18.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून की सक्रियता फिर से दिखने लगी है। तीन-चार दिन तक रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं। बारिश और बिजली की गड़गड़ाहट के बीच एहतियातन बिजली उपकेंद्रों से आपूर्ति रोक दी गई। जैसे ही बिजली कटी उपकेंद्रों के फोन की घंटियां बजने लगीं। हर कोई बिजली के आने का कारण जानने में लग गया। कर्मचारियों ने बताया कि बारिश और बिजली की गडगड़ाहट बंद होने के बाद आपूर्ति बहाल होगी।
वाराणसी में बारिश के बाद जलभराव
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बारिश के चलते अंधरापुल, चौकाघाट, कैंट, सिगरा से लल्लापुरा मार्ग, मंडुवाडीह आदि इलाकों में जलभराव हो गया है। जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई। नालों की सफाई न होने से सीवर ओवर फ्लो कर रहा है। उधर जहां जहां खोदाई की गई वहां-वहां सड़कें धंस गईं।
लंबे समय से बारिश का इंतजार करने वाले किसानों के चेहरे गुरुवार को खिल उठे। शाम को हुई झमाझम बारिश की वजह से खेतों में पानी भर आया। इससे हाल ही में धान की नर्सरी डालने वाले किसानों में अच्छी खेती की उम्मीद भी जग गई। सेवापुरी, चौबेपुर, चिरईगांव, रोहनिया, आराजीलाइन सहित कई जगहों पर बारिश की वजह से खेतों में पानी भर गया।