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Varanasi: गांधी-जेपी की विरासत सर्व सेवा संघ का मामला गरमाया, देशभर के बुद्धिजीवी और विचारक हो रहे एकजुट

Thu, 29 Jun 2023 08:42 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ की जमीन को लेकर रेलवे और गांधी के अनुयायियों के बीच अब आमने-सामने की स्थिति है। डीएम ने इस जमीन को रेलवे का बताया है। साथ ही सर्व सेवा संघ भवन को ध्वस्त करने का आदेश दिया है। 
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सर्व सेवा संघ भवन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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वाराणसी के राजघाट स्थित सर्व सेवा संघ भवन के ध्वस्तीकरण आदेश सुर्खियों में है। कांग्रेस इस मामले को लेकर मुखर है। तो वहीं देश भर के बुद्धिजीवी, गांधीवादी और विचारक इस आदेश के खिलाफ एकजुट हो रहे हैं। हाईकोर्ट इलाहाबाद ने भी 30 जून तक यथास्थिति बनाए रखने का आदेश जिला प्रशासन और रेलवे को दिया है।

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सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष व लोकतंत्र सेनानी रामधीरज ने गुरुवार को सर्वसेवा संघ में प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि सर्व सेवा संघ गांधी विचार की अग्रणी राष्ट्रीय संस्था है। संस्था का राष्ट्रीय कार्यालय सेवाग्राम वर्धा में है और क्षेत्रीय कार्यालय राजघाट में है। विनोबा भावे और लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने 1960 में साधना केंद्र, सर्व सेवा संघ और गांधी विद्या संस्थान की स्थापना की थी।

इस संस्थान का कार्य गांधी विचार का प्रचार प्रसार और शोध अध्ययन करना है। 63 वर्षों से सर्व सेवा संघ इस भूमि पर कार्यरत है और प्रारंभ से ही सर्व सेवा संघ के पास रजिस्ट्री व जमीन से संबंधित पूरे कागजात हैं। फिर भी जिलाधिकारी ने संस्था की जमीन मालिकान का हक नहीं माना है। 27 जून को दोपहर बाद जिलाधिकारी का पत्र मिला।
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ये भी पढ़ें: सर्व सेवा संघ का निर्माण अवैध, दो दिन में भवन को गिराने का आदेश, DM बोले- जमीन पर रेलवे का अधिकार
 

कल सुबह नौ बजे तक जमीन खाली करने का अल्टीमेटम

उन्होंने लिखा कि सर्व सेवा संघ की ओर से जमीन से संबंधित नोटिफिकेशन व पत्राचार साक्ष्य के रूप में नहीं उपलब्ध कराया, इसलिए यह रेलवे की जमीन है। यानी सेल रजिस्टर्ड डीड, खसरा-खतौनी एवं पिछले 63 वर्षों से इस जमीन पर कार्यरत सर्व सेवा संघ का कोई महत्त्व नहीं है। जिलाधिकारी का यह निर्णय न्यायसंगत नहीं है। उसी दिन रेलवे के अधिकारियों ने सर्व सेवा संघ के सभी भवनों पर 30 जून को 9 बजे से पहले तक यह जमीन खाली कर देने की नोटिस चस्पा किया और सभी भवनों को गिराने का आदेश दिया है।

एक जमीन या भवन का सवाल नहीं

सर्व सेवा संघ ने इसके खिलाफ उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर की है। इसकी सुनवाई 28 जून को हुई और 30 जून को अगली सुनवाई होगी। उच्च न्यायालय ने जिलाधिकारी और रेलवे को कहा है कि 30 जून को कोई कार्रवाई नहीं करें। फिर भी प्रशासन गिराने पर आमादा है। देशभर के गांधीवादी संगठन, जेपी आंदोलन के लोग, सामाजिक संगठनों व राजनीतिक दलों के लोग इस बात से चिंतित है और शुक्रवार को  यहां पहुंच रहे हैं। रामधीरज ने बताया कि यह एक जमीन या भवन का सवाल नहीं है। यह गांधी विचार, विनोबा विचार को देश से मिटाने का षड़्यंत्र है। जिस तरह से साबरमती आश्रम को खत्म किया गया वे सर्व सेवा संघ को खत्म कर रहे हैं।
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वाराणसी पहुंचने लगे लोग

सर्व सेवा संघ की जमीन को बचाने के लिए देश भर से गांधीवादी विचारक व बुद्धिजीवी वाराणसी पहुंचने लगे हैं। मेधा पाटकर देर रात के बाद और प्रो. आनंद कुमार शुक्रवार सुबह पहुंचेंगे। इसके अलावा डॉ सुनीलम, पूर्व सांसद अनिल हेगड़े, रघु ठाकुर, अमरनाथ, महादेव, बिहार से विनोद रंजन, पंकज, विजय, मनोहर मानव, सत्येंद्र सिंह, जेपी सिंह और अनोखेलाल सहित 50 से अधिक लोग पहुंच चुके हैं। इसके अलावा लोकतंत्र सेनानी विजय नारायण, पूर्व एमएलसी अरविंद सिंह, राधेश्याम सिंह, सतनाम सिंह, कांग्रेस के प्रांतीय अध्यक्ष अजय राय, संजीव सिंह, विनय राय मुन्ना, गांधी स्मारक निधि के लाल बहादुर राय, राबर्ट्सगंज से पूर्व चेयरमैन समाजवादी अजय शेखर भी पहुंच रहे हैं।
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