पीड़िता की मां अर्चना जायसवाल ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि भोजूबीर निवासी रोनक सोनकर उर्फ प्रियांशु पिछले करीब दो वर्षों से उनकी बेटी रूही जायसवाल से बातचीत कर रहा था और उसे प्रेम प्रसंग में फंसा रखा था। आरोप है कि 9 मार्च की रात वह उनके घर आया और बेटी को यह कहकर अपने साथ ले गया कि उसकी मां बुला रही हैं।
मां के अनुसार, 10 मार्च को जब उन्होंने बेटी को फोन किया तो उसने बताया कि वह अगले दिन यानी 11 मार्च की सुबह घर लौट आएगी। लेकिन जब दोपहर तक बेटी घर नहीं पहुंची तो उन्होंने दोबारा फोन किया। इस दौरान आरोपी रोनक ने फोन उठाकर अभद्र भाषा का प्रयोग किया और बेटी को जान से मारने की धमकी दी।
पीड़िता की मां ने बताया कि जब शाम सात बजे तक बेटी घर नहीं पहुंची तो उन्होंने कैंट थाने में ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद रोनक को कैंट थाने बुलाया गया, लेकिन वह वहां नहीं गया और बेटी को घर भेज दिया। बेटी घर तो आ गई, लेकिन वह काफी तनाव में थी।
आरोप है कि उसी रात करीब एक बजे रोनक फिर से उनके घर पहुंचा और हंगामा करने लगा। वह कमरे में घुस गया और बेटी के कपड़े व उसे दिए गए उपहारों पर पेट्रोल छिड़ककर घर के बाहर आग लगा दी। इसके बाद उसने बेटी को डांटा-फटकारा और अपमानित किया। मां का कहना है कि इस घटना से बेटी गहरे सदमे में चली गई।
बताया गया कि बृहस्पतिवार दोपहर मानसिक तनाव और सदमे से परेशान होकर किशोरी ने घर की छत से छलांग लगा दी। गंभीर हालत में उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में उपचार के दौरान शुक्रवार देर शाम उसकी मौत हो गई। भेलूपुर थानाध्यक्ष सुधीर कुमार त्रिपाठी ने बताया कि पीड़िता की मां की तहरीर के आधार पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और मामले की जांच की जा रही है।