इस मामले में पिछली तिथि पर शैलेंद्र्र कुमार पाठक और जैनेंद्र्र कुमार पाठक ने पक्षकार बनाए जाने के लिए अधिवक्ता देशरत्न श्रीवास्तव के जरिये प्रार्थना पत्र दिया था। उसी प्रार्थना पत्र सुनवाई लंबित है। इस प्रार्थना पत्र पर आपत्ति दाखिल कर वाद मित्र ने खारिज करने की गुहार लगाई है।