अविमुक्तेश्वर भगवान की तरफ से हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता व खजुरी निवासी अजीत सिंह ने अधिवक्ता के जरिये वाद दाखिल कर कहा गया था की भगवान अविमुक्तेश्वर आदि मस्जिद के नीचे विराजमान हैं। उनके पूजापाठ राग भोग भजन कीर्तन धार्मिक अनुष्ठान आयोजन अनुमति की मांग की गई है।
वहीं सिविल जज सीनियर डिविजन कुमुद लता त्रिपाठी की अदालत में सोमवार को ज्ञानवापी परिसर में मिले शिवलिंग की आकृति की पूजा-भोग आरती करने को लेकर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से दाखिल अर्जी पर सुनवाई टल गई। इस मामले में पांच सितंबर की तिथि नियत की है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद व रामसजीवन ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि श्रृंगार गौरी प्रकरण में सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के आदेश पर हुए कोर्ट कमीशन की कार्यवाही में मिली शिवलिंग आकृति का राजभोग, पूजन व आरती जिला प्रशासन की ओर से विधिवत करना चाहिए था, लेकिन अभी तक प्रशासन ने ऐसा नहीं किया है।
उन्होंने बताया कि कानूनन देवता की परिस्थिति जीवत बच्चा के समान होती है। जिसे अन्न-जल आदि नहीं देना संविधान की धारा अनुच्छेद-21 के तहत दैहिक स्वतंत्रता के मूल अधिकार का उल्लंघन है, पूजा पाठ की मांग की गई है।