इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश यजुवेंद्र विक्रम सिंह ने एसीजेएम के आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके बाद राहुल गांधी की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट में आपराधिक निगरानी याचिका दाखिल की गई, जिसे भी खारिज कर दिया गया। हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को निचली अदालत को मामले की पुनः सुनवाई का आदेश दिया था।
इसके अनुपालन में अवर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चतुर्थ ने 17 अक्तूबर 2025 को परिवाद को फिर से खारिज कर दिया। इस आदेश के विरुद्ध नागेश्वर मिश्र ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से पुनः सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दायर की। कोर्ट ने विपक्षी राहुल गांधी को उभय प्रकार से नोटिस जारी करने का आदेश दिया है।