इस बयान को तिलमापुर सारनाथ के नागेश्वर मिश्र ने देश में गृह युद्ध भड़काने की साजिश करार देते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट (द्वितीय) की अदालत में वाद दाखिल किया था। जिसके बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एमपी-एमएलए) की अदालत ने इस वाद को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया था।
लोअर कोर्ट के आदेश के खिलाफ नागेश्वर मिश्रा ने सत्र न्यायालय में निगरानी याचिका दाखिल किया था। सुनवाई के दौरान राहुल गांधी की ओर से आपत्ति दाखिल कर मुकदमे को निरस्त करने की अदालत से अपील की गई है। जिसके खिलाफ निगरानीकर्ता ने अपनी प्रति आपत्ति दाखिल की है। बुधवार को दोनों पक्षों की ओर से कोर्ट में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखा।