वाराणसी। कबीरचौरा स्थित जिला महिला अस्पताल में ओपीडी से लेकर जांच तक की व्यवस्था बेपटरी हो गई है, जहां अल्ट्रासाउंड केंद्र समय से नहीं खुल पा रहा है, वहीं ओपीडी में रोक के बावजूद एमआर धड़ल्ले से प्रवेश कर रहे हैं। इस वजह से मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दूसरी ओर ओपीडी के पास ही बड़ा सा गड्ढा खोदकर छोड़ देने से दुर्घटना की आशंका बनी है।
महिला अस्पताल में हर दिन बनारस के साथ ही आसपास के जिलों से औसतन 500 की संख्या में महिलाएं आती हैं। यहां चार से पांच चिकित्सकों पर मरीजों को देखने की जिम्मेदारी है। महिलाओं के बैठने की व्यवस्था तो हैं लेकिन भीड़ के हिसाब से वह भी नाकाफी है। मंगलवार को सुबह 10 बजे तक ओपीडी में केवल दो चिकित्सक ही बैठीं रहीं। इससे यहां पर मरीजों को काफी इंतजार करना पड़ा। इस बीच ओपीडी में एमआर भी आते जाते रहे लेकिन किसी ने इनको रोकने का प्रयास नहीं किया। ऐसा तब हो रहा है जब पिछले दिनों जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने एमआर के प्रवेश पर रोक लगाने का निर्देश दिया था। अस्पताल परिसर में जगह-जगह नोटिस भी चस्पा है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
समय से नहीं खुलता अल्ट्रासाउंड केंद्र
अस्पताल परिसर में स्थित अल्ट्रासाउंड केंद्र भी समय से नहीं खुल रहा है। समय से जांच हो जाए इसके लिए महिलाएं सुबह आठ बजे यहां पहुंच जाती हैं लेकिन मुख्य चैनल गेट का ताला न खुलने से बाहर खड़ा रहती हैं। बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं होने से यहां पर आने वाली गर्भवती महिलाओं को ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है। सोमवार को सुबह सवा नौ बजे तक ताला नहीं खुला, वहीं मंगलवार को भी महिलाओं को काफी इंतजार करना पड़ा।
ओपीडी से पहले चिकित्सकों को वार्ड में भर्ती मरीजों को देखना होता है। इसके बाद वह मरीजों को नियमित देखती हैं। जहां तक अल्ट्रासाउंड केंद्र का ताला देर से खुलने की बात है तो कर्मचारी के चाबी लेकर चले जाने से देरी हुई थी। इस तरह की लापरवाही पर कर्मचारी को चेतावनी दी जा चुकी है। -डॉ. आरपी कुशवाहा, प्रमुख अधीक्षक