बरसात आते ही संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। जगह-जगह जलभराव होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप भी इसी मौसम में बढ़ जाता है। यहीं कारण है कि डेंगू, मलेरिया के मरीज अधिक मिलते हैं। इस तरह की बीमारियों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारियां शुरू हो गईं हैं। जून महीने में मलेरिया रोधी माह मनाया जा रहा है, साथ ही अगले महीने से संचारी रोग से बचाव को लेकर विशेष अभियान चलाया जाएगा।
मच्छर जनित बीमारियों से बचाव के लिए लोेगों को घर-घर जागरूक किया जा रहा है। साथ ही हर रविवार मच्छर पर वार अभियान के तहत घरों के आसपास साफ-सफाई कराने के साथ ही लोगों से इस पर विशेष ध्यान देने की अपील भी की जा रही है। इसी महीने के अंत तक मानसून के आने के आसार हैं, ऐसे में बारिश होने के बाद जल भराव न हो और मच्छरों का प्रकोप भी न रहे, इससे बचाव की तैयारी चल रही है।
नगर निगम, पंचायती राज विभाग भी अभियान में शामिल
मच्छराें के प्रकोप से बचने और समय रहते दवाओं के छिड़काव को लेकर मलेरिया विभाग ने कार्ययोजना बनानी शुरू कर दी है। जिला मलेरिया अधिकारी एसससी पांडेय ने बताया कि मलेरिया विभाग की टीम संक्रामक बीमारियों वाले मोहल्लों और ग्रामीण इलाकों में गांवों को चिह्नित कर सूची बनाई जा रही है। इसके बाद यहां दवाओं का छिड़काव कराया जाएगा। दवा छिड़काव सहित अन्य अभियानों में नगर निगम के साथ पंचायती राज विभाग भी सहयोग करेंगे।