बलरामपुर। मार्च के चौथे सप्ताह से ही गर्मी ने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। दिन में तापमान में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। बृहस्पतिवार की दोपहर 39 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। गर्मी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के लिए कहा है। स्वास्थ्य विभाग ने भी अपनी तैयारी शुरू कर दी है। जिला अस्पताल में छह वार्ड और प्रत्येक सीएचसी व पीएचसी पर दो-दो बेड का वार्ड तैयार रखने के लिए निर्देश दिया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी अशोक कुमार ने सभी लोगों को लू और गर्मी के कारण फूड पॉइजनिंग के जोखिमों से बचाव करते रहने की अपील की है। सीएमओ ने कहा कि बच्चों में इस तरह के जोखिम अधिक हो सकते हैं, इसलिए माता-पिता सुनिश्चित करें कि न सिर्फ आपके बच्चों, बल्कि स्वयं भी गर्मी से बचाव करें और भोजन से संबंधित सावधानियों का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने बताया कि बढ़ते तापमान को सेहत के लिए कई प्रकार से हानिकारक माना जाता रहा है। ज्यादा देर तक गर्मी या धूप के संपर्क में रहने से हीट स्ट्रोक, बेहोशी, चक्कर आने, लो ब्लड प्रेशर, हृदय गति में असमानता जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। इसके अलावा जिन लोगों को पहले से ही डायबिटीज, हार्ट और ब्लड प्रेशर की दिक्कत रही है, उनके लिए अधिक तापमान की स्थिति के कारण जटिलताओं के और भी बढ़ने का खतरा हो सकता है।
गर्मी से बचाव के लिए क्या करें?
- शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए खूब पानी पीते रहें।
- सूती और ढीले कपड़े पहनें। ये शरीर को ठंडा रखने में मददगार है।
- पूरे कपड़े पहनें, हाथों को अच्छे से कवर करके रखें।
- दोपहर के समय घर से अनावश्यक रूप से बाहर जानें से बचें।
क्या न करें?
- गर्मी से बचाव के लिए बच्चों और जानवरों को गाड़ी में न छोड़ें।
- दोपहर के समय बाहर किसी भी प्रकार की गतिविधियों से बचें।
- शराब-कार्बोनेट ड्रिंक्स के सेवन से बचा जाना चाहिए।
- धूप के सीधे संपर्क में आने से बचा जाना चाहिए।