Varanasi News: 1405वीं शहादत के सिलसिले में 29 मार्च से शहर की 32 शिया मस्जिदों, इमामबाड़ा और घरों में मौला अली की शहादत का गम शुरू हो जाएगा। 30 मार्च को सुबह ताबूत का जुलूस अंजुमन हैदरी के संयोजक में नमाजे फज्र के बाद उठाया जाएगा जो नौहा मातम करता हुआ दरगाह ए फातमान में समाप्त होगा।
हजरत अली की शहादत पर चार दिन गम मनाया जाएगा। इस दौरान 30 मार्च और एक अप्रैल को जुलूस निकलेगा और घर-घर मजलिस होगी। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर ने बताया कि हर साल की तरह इस साल भी हजरत अली की शहादत पर 18 रमजान से लेकर 21 रमजान तक शहर बनारस में भी मौला अली का गम मनाया जाएगा।
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1405वीं शहादत के सिलसिले में 29 मार्च से शहर की 32 शिया मस्जिदों, इमामबाड़ा और घरों में मौला अली की शहादत का गम शुरू हो जाएगा। 30 मार्च को सुबह ताबूत का जुलूस अंजुमन हैदरी के संयोजक में नमाजे फज्र के बाद उठाया जाएगा जो नौहा मातम करता हुआ दरगाह ए फातमान में समाप्त होगा। 19 रमजान को अंजुमन नसीरूल मोमिनिन के संयोजन में शब्बेदारी का आयोजन होगा।
दालमंडी स्थित मुर्तजा अब्बास शम्सी के निवास स्थान पर 18 रमजान की रात को मजलिस का आयोजन होगा और ताबूत भी उठाया जाएगा। दरगाह ए फातमान में 20 रमजान को ताबूत उठाया जाएगा और 21 रमजान को हजरत अली की शहादत के सिलसिले से जुलूस उठकर सदर इमामबाड़ा जाएगा।