शीतलहर का प्रकोप तेज होने के बाद भी नगर निगम के अलाव की व्यवस्था ठंडी पड़ी हुई है। हालांकि नगर निगम प्रशासन का दावा है कि शहर में 137 सार्वजनिक स्थानों पर अलाव के प्रबंध किए गए हैं और इसके लिए बाकायदा टेंडर कर ठेकेदारों को लकड़ी की आपूर्ति की जिम्मेदारी दी गई है लेकिन हकीकत इससे अलग है। गिनती के स्थानों को छोड़कर बाकी जगहों पर अब तक अलाव नहीं जलवाए जा सके हैं। शीतलहर लोगों को कंपा रही है। राहगीर, यात्री, रिक्शा-ऑटो चालक और आम लोग रेल-बस स्टेशनों से लेकर अधिकतर तिराहों-चौराहों तक ठिठुरन से परेशान हैं। नगर निगम का अलाव सिर्फ कागज पर दहक रहा है।
बुधवार की रात से ठंड का कहर बढ़ गया है। कड़ाके की गलन और ठिठुरन से लोग परेशान हैं। नगर निगम की ओर से ठंड से बचाव के लिए शहर में 137 सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलवाए जाने का दावा किया जा रहा है लेकिन रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, प्रमुख चौराहों-तिराहों पर एकाध जगहों को छोड़कर कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। और तो और, जिला मुख्यालय पर भी अलाव की व्यवस्था नहीं है। चौकाघाट निजी बस अड्डे पर भी गुरुवार को यात्री सुबह से लेकर देर रात तक ठिठुरते रहे। लंका, सिगरा, विशेश्वरगंज, पानदरीबा, चेतगंज आदि इलाकों में भी कहीं अलाव की व्यवस्था नहीं दिखी। जबकि, नगर निगम का दावा है कि सूची में चिह्नित इन सभी स्थानों पर अलाव की व्यवस्था है। इसके लिए नगर निगम ने 610 रुपये प्रति कुंतल के हिसाब से लकड़ी की आपूर्ति का टेंडर भी किया है। अब तक 2 लाख की लकड़ी मंगाई जा चुकी है। कुल दस लाख का टेंडर किया गया है लेकिन अलाव के हालात किसी से छिपे नहीं हैं।
कोहरे और कड़ाके की ठंड में प्रशासनिक तंत्र की उदासीनता से गरीबों और निराश्रितों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ठंड से बचाव के लिए अब तक कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। गुरुवार को कड़ाके की ठंड के बीच सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा तो बस अड्डों, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थलों पर लोग ठिठुरते नजर आए। वहीं, राजातालाब तहसील परिसर में अलाव जलवाने की मांग को लेकर वकीलों ने तहसीलदार का घेराव किया। चौबेपुर क्षेत्र के कादीपुर, चंद्रावती, कैथी, धौरहरा, मुनारी, भगतुआ, जाल्हूपुर, उमरहां और डुबकिया आदि कस्बों में सन्नाटा पसरा रहा। साथ ही किसी कस्बे में अलाव के इंतजाम न होने से लोग परेशान रहे। वहीं, अजांव, बर्थरा खुर्द, गरथौली, मठिया, भगवानपुर, कुर्सिया, टेकुरी, लक्ष्मीसेनपुर, राजवारी आदि गांवों में किसान फसलों के नुकसान और मवेशियों को लेकर चिंतित हैं।
राजातालाब में वकीलों ने तहसील परिसर में अलाव का इंतजाम न करने से तहसीलदार का घेराव कर दिया। उनका कहना है कि दूरदराज से वादकारी और अधिवक्ता आते हैं। हाड़ कंपाने वाली ठंड में अलाव न जलने से लोगों को परेशानी होती है। इसके बाद अधिवक्ताओं ने जब तहसील बंद कराने लगे तब प्रशासन ने लकड़ियां मंगाकर अलाव जलवाया। घेराव में सुनील सिंह, सर्वजीत, ऊदल सिंह, जय सिंह, रवींद्र, छेदी और दिनेश आदि शामिल थे।