Varuna River inspect the Chief Secretary.
प्रदेश के प्रमुख सचिव सिंचाई दीपक सिंघल ने कहा कि वरुणा पर कब्जा करने और कराने वाले अधिकारियों को जेल जाना पड़ेगा। वे शुक्रवार को मुख्य सचिव आलोक रंजन के साथ मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्र्रीम प्रोजेक्ट वरुणा कॉरिडोर का निरीक्षण करने शास्त्री पुल पर पहुंचे थे। इस दौरान सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने डूब क्षेत्र में हुए कब्जे के बारे में बताया। इस पर प्रमुख सचिव सिंचाई का सख्त रूख रहा। उन्होंने साफ कहा कि दो-चार अधिकारी जेल जाएंगे तभी समझ में आएगा। यह होने पर ही नदी पर कब्जा करने वालों को समझ में आएगा।
प्रमुख सचिव ने मातहत अधिकारियों को हिदायत दी कि अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई में अमीर-गरीब न देखा जाए। जैसे हत्या करने की सजा होती है, उसी प्रकार कब्जा करने वालों का कब्जा हटाया जाए। इसमें किसी प्रकार की रियायत न दी जाए। डूब क्षेत्र के लिए कानून में उल्लखित नियमों का पालन कराया जाए। कब्जेदारों को हटाने के लिए सिंचाई विभाग और वीडीए को निर्देश दिया कि मुख्यमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्य सचिव भी प्रमुख सचिव की बातों से सहमति जताई।
इसके बाद दोनों अधिकारी निर्माण कार्य को देखने आगे बढ़े। नालों से गिरते गंदे पानी को रोकने के लिए इंटरसेप्टर पाइप लाइन का काम तेज करने को कहा। नक्शा देखने के बाद अधिकारियों ने कहा कि इस काम को तीन महीने में पूरा कराना है। इको फ्रेंडली तकनीक से बनाए जा रहे किनारों को देखा। दूसरी ओर बन रहे पांच मीटर के पाथवे के बारे में पड़ताल की। डीएम को निर्देश दिया कि जो भी दिक्कतें आ रही हैं, उन्हें दूर कराके काम को तय समय में पूरा कराएं। प्रमुख सचिव ने नदी की खुदाई के दौरान मिलीं पुरानी सीढि़यों का पुरातात्विक परीक्षण कराने का निर्देश भी दिया।
मुख्य सचिव ने कहा कि तीन माह में वरुणा कॉरिडोर के प्रथम चरण का निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा। वरुणा किनारे सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी लगावाने और यातायात की दृष्टि से कार्ययोजना बनाने के लिए आईजी एसके भगत को निर्देशित किया गया है।