चौबेपुर। बराई गांव में पत्नी के साथ बदसलूकी करते हुए गुलाल लगाने का विरोध करने पर निवर्तमान बीडीसी और भाजपा कार्यकर्ता राजू राजभर (35) की लाठी-डंडे और राड से पीट-पीट कर हत्या कर दी गई। जानलेवा हमले में राजू के परिवार के छह अन्य लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई गई है। वारदात में नामजद छह आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर पुलिस चार अन्य की तलाश कर रही है। घटना को लेकर गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस तैनात की गई है।
चौबेपुर थाना अंतर्गत बराई गांव के कुछ युवकों का झुंड होली के दिन निवर्तमान क्षेत्र पंचायत सदस्य राजू राजभर के घर गया था। राजू की पत्नी सुनीता के अनुसार झुंड में शामिल लोग उनसे बदतमीजी करते हुए उन्हें अभद्र तरीके से अबीर लगाने का प्रयास करने लगे। उनके नाराजगी जताने पर राजू ने विरोध किया तो अबीर लगाने आए युवकों के झुंड में शामिल लोगों से उनकी कहासुनी हुई। इसके थोड़ी देर बाद 20-25 की संख्या में लोग राजू के घर के सामने उन्हें और उनके परिवार के लोगों को गाली देने लगे। घर में सोये हुए राजू राजभर को उनकी पत्नी ने बताया कि बाहर लोग गाली दे रहे हैं। यह सुनकर राजू सभी से गाली देने की वजह को पूछने के लिए गए और इसी बीच उन पर लाठी-डंडे से हमला कर उनकी हत्या कर दी गई। बीचबचाव करने पहुंची सुनीता देवी व उसका बेटा अजय और राजू के भाई अरविंद, गोविंद व गोरख और मां बेला की भी जमकर पिटाई की गई। इन सभी का इलाज पीएचसी नरपतपुर में कराया गया। अरविंद की हालत गंभीर देखते हुए उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सुनीता देवी की तहरीर के आधार पर बराई गांव के विशाल पांडेय, सन्नी यादव, जितेंद्र यादव, कल्लू पांडेय, नितेश प्रजापति और सोनू यादव के खिलाफ चौबेपुर थाने में हत्या सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया। थानाध्यक्ष चौबेपुर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि विशाल पांडेय और नितेश प्रजापति को गिरफ्तार कर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा शव, मचा कोहराम
बराई गांव निवासी राजू राजभर का शव मंगलवार की सुबह पोस्टमार्टम के बाद घर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। राजू की मां बेला देबी और घायल पत्नी सुनीता चारपाई पर ही रोते-रोते बेहोश हो रही थी। 10 मिनट के बाद ही अंत्येष्टि के लिए शव सरायमोहाना घाट ले जाया गया। इस दौरान राजू के बेटों सनम व सागर और बेटी पायल का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने बताया कि राजू पूर्व विधायक उदयलाल मौर्य के यहां ड्राइवर का काम भी करता था। उधर, राजू की मां बेला देवी बार-बार यही रट रही थी कि हमरे बचवा के माटी के साथे पुलिस हत्यरवन के भी लाश ले चले... तबही बचवा के मिट्टी जाई...। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने राजू की मां को समझाबुझाकर किसी तरह से ढांढस बंधाया।
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घायलों के उपचार से घाट तक रहे मंत्री, कड़ी कार्रवाई का निर्देश
भाजपा कार्यकर्ता राजू की हत्या और उसके परिवार के अन्य लोगों के घायल होने की घटना की जानकारी पाकर सूबे के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर सोमवार की शाम चौबेपुर पहुंचे। करीब तीन घंटे कस्बे में रह कर उन्होंने घायलों का समुचित उपचार कराने और आरोपियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई का निर्देश पुलिस को दिया। अनिल राजभर ने होली के दिन हुई वारदात पर दु:ख प्रकट करते हुए परिजनों को आश्वस्त किया कि उनके साथ न्याय होगा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से यह भी कहा कि घटना में कोई निर्दोष न फंसे लेकिन कोई दोषी बचने भी न पाए। मंगलवार की सुबह राजू के शव की अंत्येष्टि के समय अनिल राजभर सरायमोहाना घाट पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाते हुए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया।
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छावनी में तब्दील हुआ गांव, घटना से सकते में ग्रामीण
बराई में राजू की हत्या और उनके परिवार के लोगों की घटना के बाद से गांव पुलिस छावनी में तब्दील है। घटना से ग्रामीण सकते में हैं और सोमवार की शाम कोई किसी के घर होली की खुशियां साझा करने तक नहीं गया। ग्रामीणों का कहना था कि जो भी हुआ बहुत बुरा हुआ। इससे गांव को लेकर एक गलत संदेश गया और यह ठीक बात नहीं है। जब राजू और उसकी पत्नी मना कर रहे थे तो जबरदस्ती या अभद्रता नहीं करनी चाहिए थी। कहासुनी भी हो गई तब भी त्योहार के दिन शांत हो जाना चाहिए था। वहीं, कई लोग होली जैसे त्योहारों में शराब पीने के चलन को घटना का कसूरवार ठहरा रहे थे। मंगलवार को घटना की चर्चा गांव के साथ ही आसपास के इलाके में भी रही।