प्यार मिल जाए, पिया का प्यार मिल जाए, गौरी शंकर जी के जैसी जोड़ी बन जाए, हां ऐसी जोड़ी बन जाए...। कुछ इसी एहसास और उमंग के साथ शुक्रवार को सुहागिनें हरतालिका तीज का व्रत रखेंगी। पति की दीर्घायु के लिए रखे जाने वाले इस व्रत को लेकर उनमें खासा उत्साह है। सजने संवरने से लेकर पूजा सामग्री की खरीदारी में गुरुवार को महिलाएं पूरे दिन लगी रहीं। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण पार्लर कुछ महिलाएं ही सजने व मेहंदी रचवाने पहुंची। संक्रमण को देखते हुए ज्यादा महिलाओं ने घरों में ही हाथों में मेहंदी रचाई।
अखंड सुहाग के लिए किए जाने वाले इस व्रत के लिए महिलाएं खास तौर पर तैयार होती है। बेटियों के मायके से तीज आता है। तो कहीं सासु मां अपनी बहुओं के लिए तीज भेजती हैं। तीज व्रत के लिए महिलाएं सुहाग की पिटारी लेती हैं, जिसमें सोलह शृंगार की सभी चीजें नई होती हैं। सुहाग की पिटारी में साड़ी, चूड़ी, बिंदी, पायल, बिछिया, महावर से लेकर साज शृंगार की खास चीजें होती हैं।