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Exclusive: पूर्वांचल में हर दिन बिक रहा 10 टन हानिकारक चीन का लहसुन, देसी से कम कीमत पर बेच रहे दुकानदार

Mon, 30 Sep 2024 12:32 PM IST
प्रगति चंद ललित शंकर पांडेय, वाराणसी।

सार

पूर्वांचल में प्रतिदिन 10 टन चीन का हानिकारक लहसुन बिक रहा है। इसे बनारस के व्यापारी नेपाल के जरिये ट्रेनों और सड़क मार्ग से मंगाते हैं। ये देसी लहसुन से कम कीमत में बेचे जा रहे हैं। 
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चीन का लहसुन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पहड़िया मंडी से लेकर बाजारों में हानिकारक चीन का लहसुन बिक रहा है। पूर्वांचल में प्रतिदिन 10 टन की खपत है। नेपाल के जरिये ट्रेनों और सड़क मार्ग से इसे मंगाया जाता है। व्यापारी चीन का लहसुन 60 रुपये किलो खरीदकर 160 रुपये किलो दुकानदारों को बेच देते हैं। यह लहसुन देसी लहसुन से 50 रुपये कम कीमत पर मिल रहा है। स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होने के बावजूद खाद्य सुरक्षा औषधि विभाग इससे अंजान बना है।
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नेपाल के रास्ते चीन का लहसुन मंगाया जा रहा है। पीडीडीयूनगर स्टेशन से होकर आने वाली सीमांचल एक्सप्रेस से चीन के लहसुन की तस्करी की जा रही है। इसके अलावा मालवाहक वाहनों से गाजीपुर, चंदौली, पीडीडीयूनगर, पड़ाव रामनगर समेत तय स्थानों तक पहुंचाया जा रहा है। कस्टम विभाग की ओर से चीन के लहसुन पर काबू करने का प्रयास किया जा रहा है। बावजूद शहर में खुलेआम चीन के लहसुन की बिक्री हो रही है। 

विशेश्वरगंज, खोजवां, पांडेयपुर, कचहरी, चेतगंज, सिगरा और सुंदरपुर क्षेत्र में खुलेआम बिक्री हो रही है। शहर में रोजाना 20 से 25 क्विंटल चीन के लहसुन की खपत है। यह लहसुन थोक में 50 से 60 रुपये किलो और फुटकर में 260 रुपये किलो है। देसी लहसुन का भाव इस समय 280 से 300 रुपये किलो है। सब्जी फल व्यापारी आढ़ती जन कल्याण समिति के अध्यक्ष धनंजय मौर्य ने बताया कि चीन के लहसुन पर रोक लगनी चाहिए। मंडी सचिव को अवगत कराते हुए चोरी छिपे चीन के लहसुन का कारोबार करने वाले व्यापारियों के लाइसेंस रद्द कराए जाएंगे। यह लहसुन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक और प्रतिबंधित है।
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ये है चीन का लहसुन

चाइनीज लहसुन कैमिकल्स के इस्तेमाल से बनता है। इसमें सिंथेटिक प्रोसेस का इस्तेमाल होता है। इसलिए यह एकदम सफेद, साफ और चमकदार होता है। इसके विपरीत देसी लहसुन कुछ क्रीम या पीलापन लिए हुए होता है। चीन के लहसुन को काटने पर इसमें गंध बेहद कम आती है।
 
होटल, ढाबों और स्ट्रीट फूड वाले खपा रहे चीन का लहसुन
देसी लहसुन की अपेक्षा सस्ता होने के कारण ज्यादातर होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट वाले चीनी लहसुन का उपयोग कर रहे हैं। विशेश्वरगंज मंडी के एक व्यापारी ने बताया कि चीन का लहसुन सस्ता होने से मांग अधिक है।
 
क्या बोले अधिकारी
मंडी सचिव से कहा गया है कि चीन के लहसुन की जांच करें। यदि ऐसा कुछ है तो सैंपल कराया जाए। जांच के लिए फूड इंस्पेक्टरों की टीम लगाई है। -डॉ. कौशलेंद्र शर्मा, उपायुक्त खाद्य सुरक्षा
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